लखनऊ

Yogi Government का ऐतिहासिक कदम: फिरोजाबाद और हरदोई की ग्राम पंचायतों के नामों में बड़ा बदलाव

Yogi Adityanath Order: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फिरोजाबाद और हरदोई की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदल दिए गए हैं। प्रशासन ने अब ‘उरमुरा किरार’ को ‘हरिनगर’ और ‘हाजीपुर’ को ‘सियारामपुर’ नाम से पंजीकृत किया। यह कदम स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक सुधार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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Feb 01, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 2 ग्राम पंचायतों के नाम बदले, प्रशासनिक सुधार में नई पहल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Renames Two Villages to Strengthen Cultural Identity: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक सुधार और स्थानीय पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के दो ग्राम पंचायतों के नाम परिवर्तन का निर्देश दिया है। यह निर्णय राज्य सरकार की जनता-केंद्रित नीति और स्थानीय प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए फिरोजाबाद और हरदोई जिले की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कर दी।

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फिरोजाबाद की ग्राम पंचायत ‘उरमुरा किरार’ अब होगी ‘हरिनगर’

फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत वासुदेवमई की ‘उरमुरा किरार’ पंचायत का नाम बदलकर अब इसे ‘हरिनगर’ किया गया है। प्रशासन ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया कि यह नाम परिवर्तन स्थानीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखकर किया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘हरिनगर’ नाम न केवल ग्राम की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करता है, बल्कि यह ग्राम वासियों की भावनाओं और सामाजिक समृद्धि को भी दर्शाता है। ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय का स्वागत किया और इसे ग्राम की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला कदम बताया।

हरदोई की ग्राम पंचायत ‘हाजीपुर’ अब होगी ‘सियारामपुर’

इसी प्रकार, हरदोई जिले के विकासखंड भरावन की ग्राम पंचायत ‘हाजीपुर’ का नाम बदलकर ‘सियारामपुर’ किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्राम की पारंपरिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित करना तथा लोगों में स्थानीय गौरव और सामूहिक चेतना को बढ़ावा देना बताया गया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि नाम परिवर्तन के पश्चात सभी सरकारी दस्तावेज, पंजीकरण और रिकॉर्डों में भी नए नाम का समावेश किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

नाम परिवर्तन के पीछे प्रशासनिक और सांस्कृतिक महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुगमता, पहचान और जनता के साथ बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में नाम का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव बहुत अधिक होता है। ग्राम का नाम स्थानीय इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक होता है। इस तरह के नाम परिवर्तन से न केवल ग्राम वासियों में एक नई पहचान पैदा होती है, बल्कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति जागरूकता और सहभागिता भी बढ़ती है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

फिरोजाबाद और हरदोई की पंचायतों के ग्राम वासियों ने इस कदम की सराहना की है। अधिकांश लोगों ने कहा कि पुराने नाम के कारण कई बार पहचान में भ्रम की स्थिति बनती थी। अब ‘हरिनगर’ और ‘सियारामपुर’ नाम ग्राम वासियों के लिए गर्व का प्रतीक बनेंगे। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा, “यह नाम परिवर्तन हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए सम्मान और पहचान का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी जी का यह कदम ग्राम के इतिहास और संस्कृति को सम्मान देने वाला है।”

प्रशासनिक प्रक्रिया और रिकॉर्ड अपडेट

नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे पुराने नाम से संबंधित सभी दस्तावेज, मतदाता सूची, भूमि रिकॉर्ड, सरकारी योजनाओं के रजिस्ट्रेशन और ग्राम पंचायत से जुड़े अन्य फाइलों में तुरंत नए नाम का समावेश करें। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है ताकि ग्रामीण जनता को नए नाम के महत्व और इसके प्रभाव के बारे में सूचित किया जा सके।

राज्य सरकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सुधार और स्थानीय विकास को बढ़ावा दे रही है। ग्राम पंचायतों के नाम में यह परिवर्तन राज्य सरकार की जनता-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के बदलाव से प्रशासनिक पहचान मजबूत होती है और जनता के साथ सरकार का संबंध और भी गहरा होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में अनेक ग्राम पंचायतों में नामकरण और नाम परिवर्तन के माध्यम से स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के प्रयास किए हैं।

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