UP RERA Flat Transfer Fee UP : UP RERA ने घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए कानूनी वारिसों के लिए फ्लैट ट्रांसफर फीस अधिकतम ₹1,000 तय की है। जानें बिल्डरों की मनमानी पर लगी लगाम और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने प्रदेश के लाखों घर खरीदारों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए फ्लैट ट्रांसफर फीस की अधिकतम सीमा तय कर दी है। चेयरमैन संजय भूसरेड्डी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि किसी मूल आवंटी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके फ्लैट को कानूनी वारिसों जैसे कि पति, पत्नी, पुत्र या पुत्री के नाम पर ट्रांसफर करने के लिए प्रमोटरों या डेवलपर्स को अब अधिकतम केवल 1,000 रुपये की प्रोसेसिंग फीस लेनी होगी।
यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है जिनमें बिल्डरों द्वारा मनमानी फीस वसूलने की बात सामने आई थी। कुछ मामलों में बिल्डर प्रति वर्ग फुट के हिसाब से 200 से 1,000 रुपये तक वसूल रहे थे, जिससे यह शुल्क 25-30 लाख रुपये तक पहुंच जाता था। अथॉरिटी ने इसे पूरी तरह अनुचित करार देते हुए स्पष्ट किया है कि जब खरीदार फ्लैट की पूरी कीमत पहले ही चुका चुका है, तो इतनी भारी वसूली का कोई आधार नहीं है।
इस नई व्यवस्था के तहत कानूनी वारिसों को कुछ अनिवार्य दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें मूल आवंटी का मृत्यु प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी वारिसों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) शामिल हैं। साथ ही, UP RERA ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई आवंटी परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को फ्लैट ट्रांसफर करना चाहता है, तो प्रमोटर इसके लिए अधिकतम 25,000 रुपये की फीस ले सकता है। राहत की बात यह भी है कि ऐसे मामलों में किसी नई सेल डीड या पट्टा समझौते (Lease Agreement) की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे खरीदारों का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बचेगा।
चेयरमैन भूसरेड्डी ने राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति के आंकड़े भी साझा किए, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में जहां 197 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 308 तक पहुंच गई है। इसी तरह निवेश के मोर्चे पर भी भारी उछाल देखा गया है; साल 2023 के 28,411 करोड़ रुपये के मुकाबले 2025 में निवेश बढ़कर 68,328 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 106 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत किए जा चुके हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि (84 प्रोजेक्ट) से काफी अधिक है। UP RERA का यह नया कदम न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि राज्य के रियल एस्टेट बाजार को और अधिक सुव्यवस्थित और उपभोक्ता-अनुकूल बनाएगा।