
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया है। साइबर फ्रॉड के आरोप में दिल्ली की सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी को विशेष सुरक्षा के बीच लखनऊ परीक्षा दिलाने के लिए लाया गया।
जानकारी के मुताबिक, बंदी अंकित त्रिपाठी, जो मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है, दिल्ली सेंट्रल जेल में साइबर फ्रॉड के मामले में बंद है। वह भी यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा का अभ्यर्थी है। अदालत की अनुमति के बाद दिल्ली पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा में लखनऊ लेकर आई और यहां यूपी पुलिस को सुपुर्द किया गया।
इसके बाद यूपी पुलिस की टीम उसे मोहनलालगंज स्थित परीक्षा केंद्र पर लेकर पहुंची। पुलिस ने उसे परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने से करीब 75 मिनट पहले, यानी लगभग 1:45 बजे केंद्र पर पहुंचा दिया, ताकि वह निर्धारित समय पर परीक्षा दे सके। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे शुरू हुई, जबकि केंद्र का गेट 2:30 बजे बंद कर दिया गया।
लखनऊ में यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए 54 स्कूल और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा दो पालियों में कराई जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, प्रत्येक पाली में 22,080 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। पहले दिन कुल 44,160 अभ्यर्थियों में से 32,212 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
दूसरे दिन पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान था। उनका कहना है कि मैथ्स और रीजनिंग के सवाल काफी सरल आए थे, जबकि सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के प्रश्न थोड़ा चुनौतीपूर्ण थे। कई अभ्यर्थियों का मानना है कि पेपर आसान होने की वजह से कटऑफ और मेरिट ज्यादा जा सकती है।
इसी परीक्षा केंद्र पर एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। परीक्षा ड्यूटी में तैनात दो महिला सिपाही अपने नवजात बच्चों को गोद में लेकर ड्यूटी करती नजर आईं। कड़ी सुरक्षा और जिम्मेदारी के बीच उनका यह समर्पण लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।