
UP Supplementary Budget: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में काम करने वाले एक लाख से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। सरकार ने अनुपूरक बजट में उनके बीमा प्रीमियम का पैसा वापस करने का ऐलान किया है।
दरअसल, 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से समूह बीमा का प्रीमियम काटा जा रहा था। लंबे समय से ये लोग इस पैसे की वापसी की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इस मांग को मान लिया है और इसके लिए 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जल्द ही ये राशि उनके खाते में पहुंच जाएगी।
सिर्फ इतना ही नहीं, मिड-डे मील योजना में काम करने वाले रसोइयों के लिए भी राहत की बात है। उनके मानदेय में राज्य सरकार के हिस्से के भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में 216 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे कई जगहों पर लंबित पड़े मानदेय का भुगतान शुरू हो सकेगा। रसोइये लंबे समय से अपने बकाया पैसे का इंतजार कर रहे थे।
ये दोनों प्रावधान बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और मिड-डे मील से जुड़े लोगों को आर्थिक राहत देने के मकसद से किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से विभाग में काम करने वाले लोगों के लंबित देयकों का निपटारा आसानी से हो पाएगा। शिक्षक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। कई शिक्षक संघ पिछले कुछ सालों से प्रीमियम की वापसी को लेकर सरकार से बातचीत कर रहे थे। अब जब बजट में प्रावधान हो गया है, तो उम्मीद है कि प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाएगी।
मिड-डे मील के रसोइये स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाते हैं। उनका मानदेय समय पर न मिलने से कई बार परेशानी होती रहती थी। 216 करोड़ रुपये के प्रावधान से अब ये समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
कुल मिलाकर, अनुपूरक बजट में शिक्षा विभाग से जुड़े इन दो बड़े प्रावधानों से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होने वाला है। एक तरफ शिक्षक और कर्मचारी बीमा का पैसा वापस पाएंगे, दूसरी तरफ रसोइयों को उनका बकाया मानदेय मिलेगा। दोनों ही वर्गों के लिए यह अच्छी खबर साबित हो रही है।