लखनऊ

यूपी विधानमंडल मानसून सत्र सोमवार से, एक दिन महिलाएं चलाएंगी सदन

यूपी विधानमंडल मानसून सत्र आज से शुरू होगा। मानसून सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्ष ने योगी सरकार को घेरने की रणनीतियां बना ली हैं तो सत्ता पक्ष भी जवाबी हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा व विपक्ष के बीच बढ़ रही तल्खी का असर सदन में दिखना तय है। पर मानसून सत्र शांति पूर्वक चले इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक बुलाई।  

3 min read
Sep 18, 2022

यूपी विधानमंडल मानसून सत्र आज से शुरू होगा। मानसून सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्ष ने योगी सरकार को घेरने की रणनीतियां बना ली हैं तो सत्ता पक्ष भी जवाबी हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा व विपक्ष के बीच बढ़ रही तल्खी का असर सदन में दिखना तय है। पर मानसून सत्र शांति पूर्वक चले इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के साथ ही सभी दलीय नेता शामिल हुए। सभी दलीय नेताओं ने सदन को चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया है। सत्र का एक दिन महिला सदस्यों के नाम होगा। प्रश्नकाल के बाद महिला सदस्य सदन को संचालित करेंगी। इसे कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में आम राय से पास कर दिया गया है। यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र 19 से 23 सितंबर तक चलेगा।

एक दिन रहेगा महिला के नाम

कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में आम सहमति बनी कि, यूपी विधानमंडल मानसून सत्र में 22 सितम्बर के दिन महिलाएं सदन चलाएंगी। यह दिन महिला सशक्तिकरण के नाम रहेगा। इस वक्त यूपी विधानसभा में 47 महिलाएं विधायक हैं। इनको 22 सितम्बर के दिन आठ मिनट बोलने का वक्त दिया जाएगा।

अखिलेश यादव की गुजारिश नामंजूर

विधानमंडल सत्र आज से शुरू हो रहा है पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की गुजारिश जिसमें उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पत्र लिख कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के लिए विधानसभा में अग्रिम पंक्ति की सीट आरक्षित करने का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि, विधानसभा अध्यक्ष ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के इस अनुरोध को खारिज कर दिया है।

सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

सपा, बसपा व कांग्रेस ने हाल ही में लखीमपुर खीरी, गोंडा समेत अन्य जिलों में हुई घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, किसान समस्या, संविधान की अनदेखी आदि का मुद्दा को प्रमुखता से उठाएगा। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि, कानून.व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार लगातार फेल हो रही है। विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाएगा। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि सदन में कानून.व्यवस्था, महंगाई, महिला उत्पीड़न, सूखे के कारण परेशान किसानों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। उधर, बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह कहते हैं कि इस समय कानून.व्यवस्था बड़ा मुद्दा है।

विधानसभा अध्यक्ष से मिले अखिलेश

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार शाम विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट की। अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही बगैर किसी बाधा के संचालित हो, इसके लिए नेता प्रतिपक्ष से सहयोग मांगा है। अखिलेश ने भी अध्यक्ष से कहा कि, आप हमारे संरक्षक हैंए विपक्ष को सदन में ज्यादा से ज्यादा अपनी बात रखने का मौका दीजिएगा।

कड़ा सुरक्षा घेरा होगा

मानसून सत्र आरंभ होने से पहले विधानसभा की सुरक्षा.व्यवस्था बढ़ा दी गई है। विधानसभा के बाहर सभी गेटों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती किए जाने के साथ ही चेकिंग बढ़ा दी गई है। मानसून सत्र से पहले स्पीकर सतीश महाना ने सुरक्षा समिति की बैठक की और सुरक्षा प्रबंधों के बारे में जानकारी ली।

यह भी है अहम

- विधानसभा के बाद अब विधान परिषद भी पेपरलेस।
- टैबलेट से पूछे जाएंगे सवाल और उसी पर मिलेगा जवाब।
- नेशनल ई.विधान एप्लिकेशन लागू।
- विधायक के लागिन व पासवर्ड से ही खुलते हैं टैबलेट।
- सत्र का एक दिन महिला सदस्यों के नाम रहेगा।

मानसून सत्र कार्यक्रम -

मानसून सत्र के पहले दिन 19 सितंबर को निधन के निर्देश के तहत दिवंगत विधायक अरविंद गिरी को श्रद्धांजलि देते हुए शोक रखा जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर को औपचारिक कार्य के साथ अध्यादेशों, अधिसूचनाओं और नियमों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। 21 सितंबर को विधाई कार्य जबकि 22 सितंबर को विधाई कार्य के साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। मानसून सत्र के आखिरी दिन 23 सितंबर को विधाई कार्य के साथ असरकारी दिवस को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

Published on:
18 Sept 2022 04:51 pm
Also Read
View All