
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना काफी कम है। मंगलवार के लिए प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश या मौसम संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल पछुआ हवाओं के प्रभाव के कारण मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। इसके चलते बारिश में ठहराव आएगा और दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। राजधानी लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन बारिश की संभावना बेहद कम है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान समय में प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी तंत्र कमजोर हो गया है। पछुआ हवाओं के प्रभाव के कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी उत्तर प्रदेश तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही है। यही वजह है कि बीते कुछ दिनों की तुलना में अब बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह कुछ दिनों के लिए धीमा पड़ा है। जैसे ही हवाओं का रुख बदलेगा, प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जुलाई के मध्य में इस प्रकार का ब्रेक मानसून की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। हालांकि इस दौरान तापमान बढ़ने और उमस में इजाफा होने से लोगों को गर्मी का अधिक अहसास होगा।
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि मौसम विभाग ने शहर में बारिश की संभावना बहुत कम जताई है। दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
सुबह और शाम के समय हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन में धूप निकलने से गर्मी का असर अधिक महसूस होगा। हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन सोमवार को कुछ जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार महराजगंज जिले में सबसे अधिक 130 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा तराई क्षेत्र के कुछ अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों में अभी भी नमी बनी हुई है, जिसके कारण यहां छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
लगातार बारिश के बाद अचानक मौसम साफ होने और तेज धूप निकलने से प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसका सबसे अधिक असर खेती-किसानी पर दिखाई देने लगा है। जिन किसानों ने धान और अन्य खरीफ फसलों की रोपाई पूरी कर ली है, वे अब पर्याप्त वर्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो खेतों में नमी कम होने लगेगी, जिससे नई रोपी गई फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि 17 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय हो जाता है तो फसलों को किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं रहेगी।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का क्रम कमजोर बना रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा कि 17 जुलाई के बाद हवाओं का रुख फिर से पुरवा होने की संभावना है। पुरवा हवाएं बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी लेकर आती हैं, जिससे मानसूनी गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल रही तो पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई बेल्ट में अगले कुछ दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। महराजगंज, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी और आसपास के जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की फुहारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
इसके विपरीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध और बुंदेलखंड के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बादल बनने के कारण हल्की बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश कम होने के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में गर्मी और उमस फिर बढ़ने लगी है। दिन के समय तेज धूप और हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ रागनी का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना, हल्के सूती कपड़े पहनना और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचना चाहिए।
मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश का कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है। ऐसे में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम लगभग इसी प्रकार बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है। तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
हालांकि राहत की बात यह है कि मौसम वैज्ञानिकों ने 17 जुलाई के बाद मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी वाली पुरवा हवाएं उत्तर प्रदेश तक पहुंचती हैं तो प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। इससे किसानों को राहत मिलेगी, जलाशयों में पानी का स्तर सुधरेगा और बढ़ती गर्मी से भी लोगों को निजात मिलेगी।
फिलहाल उत्तर प्रदेश के लोगों को कुछ दिनों तक मानसून के इस अस्थायी विराम का सामना करना होगा। मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और बदलते मौसम के अनुसार समय-समय पर नया पूर्वानुमान जारी करेगा। ऐसे में नागरिकों और किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपनी दैनिक गतिविधियों एवं कृषि कार्यों की योजना बनाएं।