
Anandiben Patel - उत्तरप्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल के एक बयान पर बवाल मच गया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में प्रेम विवाह, भागते प्रेमी जोड़ों और पढ़ाई के दौरान युवतियों की प्रेग्नेंसी पर कमेंट किए। गवर्नर आनंदीबेन पटेल का कार्यक्रम का यह वीडियो वायरल हो गया जिससे पॉलिटिकल विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया में उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। गवर्नर आनंदीबेन पटेल के कमेंट्स, उत्तरप्रदेश सहित देशभर में पॉलिटिकल सर्कल के बीच बहस का विषय बन गए हैं। आलोचकों का कहना है कि उन्होंने जिस एकेडमिक इवेंट में ये बातें कहीं, वह कार्यक्रम स्टूडेंट्स की अचीवमेंट को सेलिब्रेट करने के लिए रखा गया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि, "यह बालिग़ पुरुषों और महिलाओं के बीच के रिश्तों का मामला है। मेरी राय में, सामाजिक ढांचे के भीतर, आम तौर पर शादी के बाद ही गर्भधारण होना चाहिए। गर्भवती होना एक बात है, लेकिन पैदा होने वाले बच्चे को सामाजिक माहौल में अलग नज़रिए से देखा जाएगा।" लगातार हो रही आलोचना के बाद गर्वनर आनंदीबेन पटेल ने सफाई भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद लव मैरिज का विरोध करना नहीं था।
लखनऊ में एक यूनिवर्सिटी में आनंदीबेन पटेल के लव मैरिज, भागकर शादी करने वाले जोड़ों और पढ़ाई के दौरान ही युवतियों के गर्भवती हो जाने पर किए कमेंट्स सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हुए। इसी के साथ उनकी कड़ी ऑनलाइन आलोचना भी शुरु हो गई। आनंदीबेन पटेल ने प्रेम विवाह पर कमेंट करते हुए कहा कि अगर माता-पिता ऐसे रिश्तों का विरोध करते हैं तो बच्चे भाग जाते हैं। लड़कियां प्रेग्नेंट हो जाती हैं। गवर्नर आनंदीबेन पटेल के इस बयान पर पॉलिटिकल कॉन्ट्रोवर्सी भी शुरू हो गई है।
दो दिन पहले यानि मंगलवार को गर्वनर आनंदीबेन पटेल लखनऊ की डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 24वें कॉन्वोकेशन में शामिल हुईं। यहां अपने संबोधन में उन्होंने खासतौर पर युवतियों से शादी करने से पहले आत्मनिर्भर बनने की अपील की। गर्वनर ने कहा कि वह प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जब माता-पिता किसी रिश्ते को मंजूरी नहीं देते हैं तो कुछ जोड़े भाग जाते हैं। इसके कारण अक्सर लड़कियां प्रेग्नेंट हो जाती हैं और स्टूडेंट रहते हुए ही बच्चे पैदा कर लेती हैं।
यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने आगे कहा कि ऐसे बच्चों की परवरिश की ज़िम्मेदारी अक्सर सरकार पर आ जाती है। उन्होंने कार्यक्रम में विशेष तौर पर युवा महिलाओं से ऐसे कदम न उठाने का आग्रह किया।
गवर्नर आनंदी बेन पटेल ये कमेंट X समेत सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गए। कई यूज़र्स और राजनेताओं ने उनकी भाषा की आलोचना की। लोगों ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से गलत भाषा का इस्तेमाल करने की उम्मीद नहीं की जाती है।
सोशल मीडिया में लगातार हो रही आलोचना के बाद गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने मामले में अपना स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद लव मैरिज का विरोध करना नहीं है। मेरी चिंता यह थी कि कई युवतियां अपनी पढ़ाई के दौरान जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेती हैं जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने से पहले ही मां बन जाती हैं। आनंदीबेन पटेल ने स्टूडेंट्स को हिम्मत दी कि वे खुद को टेक्नोलॉजी के सिर्फ कंज्यूमर बनने के बजाय क्रिएटर के तौर पर देखें।
बता दें कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल यूपी के पहले अन्य राज्यों की राज्यपाल रह चुकी हैं। वे गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व भी संभाल चुकी हैं।