लखनऊ

NGSP पोर्टल पर उत्तर प्रदेश का शानदार प्रदर्शन, शिकायत निस्तारण और नागरिक रेटिंग में देश में प्रथम स्थान

NGSP Portal: राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर शिकायत निस्तारण और नागरिक संतुष्टि रेटिंग में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है।

3 min read
Mar 02, 2026
राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल में उत्तर प्रदेश नंबर-1, नागरिकों की रेटिंग में देशभर में बना अव्वल  (फोटो सोर्स : Election Commission )

NGSP Election Grievance Portal: निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) पर नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के आधार पर उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि प्रदेश में शिकायत निस्तारण व्यवस्था की प्रभावशीलता और प्रशासनिक तत्परता को दर्शाती है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन संबंधी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एनजीएसपी पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ उसकी स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत हुई शिकायत व्यवस्था

राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को समयबद्ध तरीके से हल करना है। मतदाता सूची, नाम जोड़ने-हटाने, मतदान केंद्र से जुड़ी समस्याएं, पहचान पत्र से संबंधित शिकायतें और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े अन्य मुद्दे इस पोर्टल पर दर्ज किए जा सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नागरिक voters.eci.gov.in वेबसाइट अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अनिवार्य होती है, जिससे शिकायतकर्ता को हर चरण की जानकारी मिलती रहती है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा एक निश्चित समय सीमा तय की गई है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

फरवरी 2026 में रिकॉर्ड शिकायतें और तेज निस्तारण

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में फरवरी 2026 माह में एनजीएसपी पोर्टल पर कुल 22,469 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 21,864 शिकायतों का सफल और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का 97.3 प्रतिशत है। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि जिला निर्वाचन कार्यालयों, बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) और तकनीकी टीमों के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी।

शिकायत निस्तारण में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल

फरवरी माह के प्रदर्शन के आधार पर उत्तर प्रदेश को पूरे देश में शिकायत निस्तारण के मामले में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय बात यह है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या बहुल राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की है, जबकि उससे ऊपर मिजोरम, लद्दाख और उत्तराखंड जैसे अपेक्षाकृत छोटे राज्य हैं, जहां शिकायतों की संख्या काफी कम रहती है। मानना है कि शिकायतों की संख्या अधिक होने के बावजूद समय सीमा के भीतर समाधान देना प्रशासनिक क्षमता और मजबूत निगरानी प्रणाली को दर्शाता है।

नागरिक संतुष्टि में देश में प्रथम स्थान

एनजीएसपी पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता नागरिकों द्वारा दी जाने वाली रेटिंग प्रणाली है। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्टि के आधार पर 1 से 3 अंक प्रदान करते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पिछले एक महीने में नागरिकों द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसका अर्थ है कि न केवल शिकायतों का निस्तारण किया गया, बल्कि समाधान की गुणवत्ता से नागरिक संतुष्ट भी रहे।

चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल शिकायत प्रणाली लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पहले जहां शिकायतों के समाधान में देरी और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें सामने आती थीं, वहीं अब ऑनलाइन प्रणाली से जवाबदेही बढ़ी है। एनजीएसपी 2.0 के माध्यम से निर्वाचन आयोग सीधे नागरिकों से जुड़ रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा भी मजबूत हो रहा है।

जिला स्तर पर बढ़ाई गई निगरानी

राज्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रत्येक जिले में शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा और तकनीकी सहायता के लिए समर्पित टीम भी बनाई गई है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में शिकायतों के बावजूद समाधान दर उच्च स्तर पर बनी रही।

मतदाता जागरूकता अभियान का असर

अधिकारियों का कहना है कि मतदाता जागरूकता अभियान के कारण अधिक नागरिक अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदाता मोबाइल ऐप और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं। इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक सहभागी और पारदर्शी बन रही है।

ये भी पढ़ें

Lucknow University: लाल बारादरी विवाद पर अखिलेश से मिले छात्र नेता, FIR के खिलाफ मिला समर्थन

Also Read
View All

अगली खबर