
लखनऊ. देवभूमि कहे जाने वाले राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand) में सात साल सात महीने और 25 दिन बाद रविवार को एक बार फिर 2013 (2013 floods) में आई विनाशकारी त्रासदी की कड़वी यादें ताजा हो गई। उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने की वजह से धौली गंगा नदी में बाढ़ आ गई है, जिससे करीब 100-150 लोग लापता हो गए हैं। हालांकि तेजी दिखाते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, ITBP की टीमों ने प्रभावित इलाकों पर पहुंच जरूरी कार्यवाही कर लोगों को सकुशल निकालने व बचाने का कार्य किया। हादसे से प्रभावित तपोवन टनल में फंसे 15 लोगों को खबर लिखे जाने तक ITBP ने बाहर निकाल लिया है। 250 मीटर लंबी सुरंग में बचाव कार्य अभी भी जारी है। आईटीबीपी के अनुसार, चमोली के तपोवन इलाके में एनटीपीसी साइट से तीन शव भी बरामद हुए हैं। केंद्र व राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को छह-छह लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है।
रविवार सुबर 10.45 बजे ग्लेशिय फंटने से आई तबाही की तस्वीरें व वीडियो किसी का भी दिल दहला देंगे। पानी का तेज बहाव आगे बढ़ता गया, जिससे आसपास बसे गांव तहस नहस हो गए। जल का बहाव सामान्य से करीब तीन मीटर ऊपर तक बताया गया। बाद में नदी का जलस्तर सामान्य से 1 मीटर ऊपर रहा और बहाव भी कम होता गया। पानी के तेज बहाव से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट भी पूरी तरह से तबाह हो गया है। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि केंद्र ने हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया है। वहीं एमएलए (मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने भी एयरफोर्स को अलर्ट रहने को कहा है।
बचाव कार्य हुआ तेज-
राहत व बचाव कार्य ने जोर पकड़ लिया है। एसडीआरएफ की टीम पहले ही बचाव कार्य में जुट गई है। तत्परता दिखाते हुए एनडीआरएफ की टीम की दिल्ली से चमोली पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे संपर्क कर लगातार हालातों पर अपडेट लिया। इस हादसे के खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश में भी संबंधित अदिकारियों को अलर्ट मोड पर ला दिया गया है।
छह लाख मुआवजे का ऐलान-
लगातार मामले पर नजर बनाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं इससे पूर्व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की बात कही है।
बहाव कम होता जा रहाः उत्तराखंड मुख्यमंत्री
उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बीच एक राहत भरी खबर देते हुए बताया कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है, लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। उन्होंने बताया कि चमोली में दो बांध स्थलों को प्रभावित करते हुए लगभग 1045 बजे रैनी गांव में एक आपदा की सूचना दी गई। स्थिति का जायजा लेने और आपातकालीन उपाय करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही, राज्य के आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया गया।
अफवाहों पर न करें यकीनः सीएम
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और स्थिति के फर्स्ट हैंड स्थिति के आकलन के लिए प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गया हूं। सरकार द्वारा सभी स्तरों पर चमोली जिला प्रशासन की मदद की जा रही है। घबराने की कोई बात नहीं है और अफवाहों पर यकीन करने के सभी अपील करता हूं।
यूपी मुख्यमंत्री ने दिए भी निर्देश-
उत्तराखंड के हालातों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी नजर है। उन्होंने प्रदेश में संबंधित विभागों, अधिकारियों एवं एसडीआरएफ को हाई-अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। गंगा नदी के किनारे स्थित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में उत्पन्न हुई इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहायता देने की बात भी कही है। साथ ही कहा कि इस आपदा में अनेक नागरिकों के कालकवलित होने की सूचना से मन दुखी है।प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति, शोकसंतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति व घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।