देशभर में खुशियों का त्यौहार दशहरा बड़े धूम धाम से मनाया जा रहा है। असत्य पर सत्य की जीत को लेकर प्रतिकात्मक रूप से रावण बनाकर उसे जलाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस बार रावण को भगवान राम विशेष वरुण अस्त्र से मरने का प्लान कर रहे हैं। जिसकी शुरुआत आज सुबह से ही तेज बारिश के साथ हो चुकी हैं। चौंक गए न, आपने ठीक सुना, इस बार प्रतिकात्मक रावण को भगवान राम द्वारा जलाकर नहीं बल्कि भिगाकर मारा जाएगा। इसको लेकर भगवान ने स्वयं तैयारी सुबह से ही कर ली थी।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रतिकात्मक रावण दहन की तैयारियां पिछले महीने से चल रही थीं, वहीं दशहरे के दिन बुधवार को जहां पूरी दुनिया में रावण की बुराइयों का जलाकर अंत किया जाएगा, तो वहीं राम जन्मभूमि वाले स्थल उत्तर प्रदेश में उसे इस बार भगवान राम की माया के अनुसार वरुणास्त्र यानि पानी से भिगाकर मारने का प्लान है। ऐसा अवसर और माहौल खुद भगवान ने बनाया है, क्योंकि राम भक्तों ने तो तैयारिया तो उसे जलाने की कर रहे थे लेकिन बुधवार को सुबह से ही उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में तेज बारिश सुबह से ही हो रही है। जिसमें कानपुर, लखनऊ समेत कुल 23 जिले शामिल हैं, जहां बारिश सुबह से ही हो रही।
यहाँ रावण और उसके परिवार के सभी उत्पाती दानव सुबह से ही बारिश में भीग रहे हैं। जिसे अब प्रभु राम की माया ही कहा जा रहा है, ऐसा माना जा रहा है कि, ये भगवान राम का वरुणास्त्र ही है, जिससे रावण का अमृत पानी में बहकर समाप्त हो जाएगा और उसका अंत हो जाएगा।
यूपी के लखनऊ, कानपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती वाराणसी, फतेहपुर, कौशांबी समेत 23 जिलों में हो रही है। इन जिलों में भी कहीं रावण के पुतले भीग गए हैं, कहीं गिर गए तो कहीं पर प्लास्टिक से कवर करते हुए उसे जलाने के लिए असफल प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जब भगवान राम की माया ने ही उसे इस बार वरुणास्त्र से मारने का प्रबंध कर लिया है, तो अब कौन बचाएगा।