
संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव। (फोटो: IANS)
Ram Photo Controversy: संसद परिसर में साधु का भेष बनाकर और भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी का विरोध करने वाले सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विरोध के दौरान भगवान राम की तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने पप्पू यादव पर सनातन धर्म और भगवान राम के अपमान का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है और इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि जो लोग राम मंदिर के विरोध में थे और कभी वहां गए भी नहीं, वे अब राम मंदिर को लेकर चिंता जता रहे हैं। आज आपने सनातन धर्म के साथ-साथ साधु-संतों का भी अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने लोगों के पैरों के पास एक बगीचे में भगवान राम की तस्वीर को उल्टा करके जमीन पर रखा हुआ है। यह सनातन धर्म और भगवान राम का अपमान है।
दिनेश शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, इस घटना को लेकर संबंधित लोगों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। उन्होंने आगे कहा कि कुछ सांसद उनकी पिटाई का नाटक कर रहे थे, जिससे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सनातन धर्म के प्रति सोच दिखाई देती है। दिनेश शर्मा ने कहा कि पप्पू यादव को कम से कम भगवान राम का सम्मान करना चाहिए।
गोमती नगर स्थित विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय के बाहर रविवार को पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने उन पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, हालांकि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
गोमती नगर में हुए प्रदर्शन के दौरान सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने पप्पू यादव के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि जो भी व्यक्ति पप्पू यादव का सिर काटकर लाएगा, उसे 51 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान के बाद प्रदर्शन और अधिक विवादों में आ गया। अनुरोध राय ने कहा किभगवा कोई राजनीतिक वेशभूषा नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन परंपरा का प्रतीक है. पप्पू यादव पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, ऐसे व्यक्ति को भगवा पहनने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ये लोग दूसरे धर्मों के प्रतीकों के साथ ऐसा करने की हिम्मत दिखा सकते हैं? फिर सनातन को ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जाता है।
Updated on:
02 Aug 2026 08:46 am
Published on:
02 Aug 2026 08:46 am
