
लखनऊ. पिछले कुछ महीनों में मिड डे मील (Mid Day Meal) में गड़बड़ी की कई शिकायतें सामने आईं, जिस पर योगी सरकार ने नाराजगी जाहिर की थी। बच्चों को सही आहार मिले इसके लिए योगी सरकार ने नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत अब मिड डे मील में स्कूल में उगी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाएगा। स्कूल न्यूट्रिशियन गार्डेन योजना के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पोषण वाटिका की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए प्राइमरी स्कूलों को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। विभाग ने केंद्र सरकार से प्रदेश के 1 लाख 13 हजार 407 स्कूलों के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा है। एक बार बजट जारी होने के बाद इस पर काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
पोषण वाटिका की जिम्मेदारी छात्रों पर
प्राइमरी स्कूलों में बनने वाले पोषण वाटिका के रखरखाव की जिम्मेदारी छात्रों की होगी। इसके लिए स्कूल की एक जमीन चिन्हित की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद के अनुसार, प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक स्कूल की जमीन को चिन्हित करेंगे। जमीन की माप राजस्व विभाग या स्थानीय लेखपाल लेंगे। जहां जगह की कमी होगी, वहां गमले, मटकों, बोरों और जूते के थैलों में पौधे उगाए जाएंगे। जगह ऐसी चिन्हित की जाएगी, जहां सूरज की रोशनी आती हो और जहां बाउंड्री वॉल हो। स्कूल उद्यान या वन विभाग से बीज और पौधे खरीदे जाएंगे।
बच्चे करेंगे पौधे की देखभाल
हर स्कूल में बच्चों का एक ग्रुप बनाया जाएगा। इन्हें पौधे बांटकर उनके रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसका रखरखाव कैसे करना है व यहां उगने वाली सब्जियों के क्या फायदे हैं, इसकी जानकारी भी समय-समय पर दी जाएगी। मौसम के हिसाब से उगाई गई सब्जियों की पैदावार के हिसाब से स्कूल में दिन भी आयोजित किए जाएंगे।