लखनऊ

कौन हैं विनोद तावड़े, जो यूपी में कर रहे हैं ताबड़तोड़ मीटिंग, क्या यूपी भाजपा में कुछ बदलने वाला है?

Vinod Tawde UP BJP Meeting : भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे से यूपी की सियासत गरमा गई है। क्या यूपी भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव होने वाला है? जानें कौन हैं विनोद तावड़े और क्यों हो रही हैं ये ताबड़तोड़ बैठकें।

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Apr 13, 2026
विनोद तावड़े ने भाजपा यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ की मीटिंग, PC- X

लखनऊ : उत्तर प्रदेश भाजपा में नई संगठनात्मक टीम गठन और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े रविवार (12 अप्रैल) को लखनऊ पहुंचे और पार्टी मुख्यालय में एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं से वन-ऑन-वन मुलाकातें कीं। आज सोमवार को वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, तावड़े को यूपी भाजपा की नई टीम बनाने के लिए ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया है। वे प्रदेश पदाधिकारियों (उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव आदि), क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक नियुक्तियों (आयोगों, बोर्डों-निगमों) पर फीडबैक ले रहे हैं।

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जानें रविवार को लखनऊ में क्या हुआ?

रविवार दोपहर लखनऊ पहुंचने के बाद तावड़े ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में ताबड़तोड़ बैठकें कीं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, संगठन महासचिव धर्मपाल सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही और रामापति राम त्रिपाठी के अलावा संगठन के कई अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की।

इन बैठकों में संगठन में नए चेहरों को जगह देने, जाति-क्षेत्रीय राजनीति को बैलेंस करने के साथ-साथ पूर्वांचल के दबदबे को समायोजित कर पश्चिमी यूपी, अवध, बुंदेलखंड को अधिक प्रतिनिधित्व और लंबित राजनीतिक नियुक्तियों पर चर्चा हुई।

पंकज चौधरी ने रविवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जबकि शनिवार को वे सीएम योगी से मिले थे। इन बैठकों में भी संगठन और कैबिनेट विस्तार के मुद्दे चर्चा में रहे।

विनोद तावड़े कौन हैं?

विनोद तावड़े महाराष्ट्र के अनुभवी नेता हैं। उन्होंने राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू किया। महाराष्ट्र में भाजपा के युवा चेहरे के रूप में उभरे, बोरीवली से विधायक रहे और शिक्षा मंत्री भी बन चुके हैं। 2021 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। बिहार में नीतीश कुमार को NDA में वापस लाने और कई राज्यों के चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका रही है। हाल ही में उन्हें महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद भी चुना गया है। पार्टी में उन्हें संगठनात्मक कौशल और गुटबाजी से दूर रहने के लिए जाना जाता है।

क्यों हो रहा है यह बदलाव?

यूपी भाजपा की मौजूदा संगठनात्मक टीम भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में मार्च 2023 में बनी थी। पार्टी नियम के मुताबिक तीन साल बाद नई टीम बननी है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में पार्टी पूर्ण बहुमत दोहराने का लक्ष्य रख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार और बोर्ड-निगम-आयोगों में नियुक्तियों पर भी चर्चा चल रही है। कुछ पुराने पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

भाजपा नेताओं ने कहा है कि यह कोई अचानक या विवादास्पद बदलाव नहीं है, बल्कि रूटीन संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इसे सामान्य बताया।

क्या कोई बड़ा बदलाव होने वाला?

अभी तक कोई योगी बनाम हाई कमांड वाली अटकलें नहीं हैं। सब कुछ केंद्रीय नेतृत्व (अमित शाह-नितिन नवीन) के निर्देश पर चल रहा है। तावड़े अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे, जिसके आधार पर अंतिम फैसले होंगे। यूपी भाजपा सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों-हफ्तों में नई टीम और संभावित कैबिनेट विस्तार की घोषणा हो सकती है। 2027 के लिए मिशन यूपी की तैयारी में यह कदम भाजपा को मजबूत संगठन और संतुलित नेतृत्व देने की दिशा में माना जा रहा है।

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Published on:
13 Apr 2026 06:56 pm
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