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वो क्या जानें संघर्ष…जो सत्ताधीश बनकर पैदा हुए, डिप्टी सीएम ने अखिलेश के PDA का समझाया मतलब

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के 'PDA' की नई परिभाषा बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। पाठक ने कहा कि सत्ताधीश बनकर पैदा होने वाले जमीनी संघर्ष क्या जानें।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केशव प्रसाद मौर्या पर साधा निशाना, PC- Patrika

लखनऊ : अखिलेश यादव पर एक बार फिर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निशाना साधा है। अखिलेश यादव को ब्रजेश पाठक ने PDA का मतलब समझाया। अखिलेश यादव को उन्होंने कहा कि वह तो साम्राज्य के साथ पैदा हुए हैं। उन्हें संघर्ष क्या होता है यह पता ही नहीं। कैसे एक कार्यकर्ता जमीन से लेकर शिखर तक पहुंचता है।

पढ़िए ब्रजेश पाठक ने क्या-क्या कहा…

बिना जमीनी संघर्ष के राज परंपरा की तरह वंशानुक्रम में सत्ताधीश बनकर करियर की शुरुआत करने वाले क्या जानें कि एक साधारण परिवार से निकलकर समाजिक जीवन में काम करते हुए पहचान बनाना कितना कठिन होता है। जिस संघर्ष और अनुशासन को आप दरी बिछाकर आगे बढ़ना कह रहे हैं, वह आपकी प्रतिक्रियावादी अपरिपक्क राजनीतिक समझ को दर्शाता है । दरअसल आप तुष्टिकरण की अंधी राजनीति में हिंदुओं से इतने दूर चले गये हैं कि आप दीपावली मनाने का भी विरोध करने लगे और ईद पर मिठाइयां बांटते फिर रहे हैं। इसलिए कह रहा हूं कि वो दूसरों पर उंगली ना उठाएं, जो समाज को बांटकर राजनीति करते हैं। श्रीरामचरितमानस मानस को पैर से कुचलकर जलाने वाले नेता भी आपकी ही पार्टी के थे और आप चले हैं हमें सनातन पर बोध कराने।

उत्तर प्रदेश ने आपकी सरकार में वही भी समय भी देखा है जब कानून-व्यवस्था कराह रही थी, दलितों कमजोरों का शोषण हो रहा था। भ्रष्टाचार आम बात थी और सरकार 'एक परिवार' और एक समुदाय एक जाति तक ही सीमित थी।

PDA का समझाया मतलब

उन्होंने कहा… जहां तक बात आपके PDA की है ..तो हम बताते हैं उसकी परिभाषा
P- पिछड़ा- क्या इसकी परिभाषा में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े पिछड़े नेता बाबू कल्याण सिंह जी की अंत्येष्टि में जाना था या नहीं?
D - दलित- पूज्य बाबा साहब आंबेडकर जी जिनके सम्मान में माननीय प्रधानमंत्री जी ने पंचतीर्थ बनाए, उन महान समाज सुधारक बाबा साहब पर जब आज़म खान ने टिप्पणी करते हुए उन्हें प्रोपर्टी कब्जाने वाला कहा था तब आपने विरोध किया था ? या फिर आज आज़म खान को सपा से बाहर करने का माद्दा रखते हैं? नहीं क्योंकि आप सच मायने में तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले नेता हैं?
A- अल्पसंख्यक ( जिसमें जैन ..पारसी …सिख ) इनके लिए कोई स्थान नहीं है ..सिर्फ एक ही समुदाय है।

पिछड़ों का सम्मान भाजपा करती है ..OBC कमीशन बनाकर। दलितों का सम्मान मेरी पार्टी भाजपा करती है, दो बार दलित राष्ट्रपति बनाकर। अल्पसंख्यकों का सम्मान भाजपा करती है APJ कलाम जी को राष्ट्रपति बनाकर। अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है और कानून व्यवस्था बेहतर हो रही है। जमीन पर बदलाव साफ़ दिख रहा है। अफवाहों से सच नहीं बदला करते और दुष्प्रचार से विकास नहीं होते। हमारा फोकस साफ है, काम करना, लोगों की सेवा करना और उनके विश्वास पर खरा उतरना।
बाकी तो फैसला जनता करती ही है और अब जनता आपको बहुत अच्छी तरह से समझती है।