Weather Update: उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी से मौसम का मिज़ाज बदलने जा रहा है। कई जिलों में कोहरा, तेज हवाएं और हल्की बारिश के आसार हैं। दृश्यता घटकर 100–500 मीटर तक पहुंच सकती है। अगले 72 घंटे सतर्क रहने की जरूरत है, जबकि तापमान बाद में हल्का बढ़ सकता है।
Weather Shift Alert in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में दिन प्रतिदिन बदलता मौसम का मिज़ाज अब 1 फरवरी से और भी अधिक बदलने की संभावना है। अगले 72 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम की परिस्थितियाँ बदलती-बदलती नजर आएंगी, जिसमें कोहरा, हवाओं की तेज और कुछ स्थानों पर बारिश के आसार शामिल हैं। इस बदलाव का असर जनजीवन, यात्रियों और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ेगा, इसलिए मौसम विभाग और प्रशासन ने सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया है।
अगले कुछ दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में निज़ी विहंगम दृश्यता यानी विज़िबिलिटी में कमी बनने की संभावना है। कुशीनगर, महाराजगंज तथा आसपास के इलाकों में घना कोहरा सुबह-सुबह परेशानी उत्पन्न कर सकता है, जिससे सड़क मार्गों पर यात्रियों के लिए कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं। विज़िबिलिटी कुछ इलाकों में लगभग 100 से 500 मीटर तक सिमट सकती है। कामकाजी लोगों और स्कूल-कॉलेज जाने वालों को सुबह के समय यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कोहरे की स्थिति से खासकर दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कम दृश्यता दुर्घटना का कारण बन सकती है।
1 फरवरी को मौसम विभाग के अनुसार 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। यह हवाएँ प्रदेश के कई हिस्सों में महसूस की जा सकती हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट और हवा का ठंडा असर बढ़ सकता है। तेज़ हवाओं के साथ-सात धूल तथा हल्का ड्रिफ्टिंग कोहरे का सामना भी करना पड़ सकता है। तेज़ हवाओं से प्रभावित इलाकों में पेड़ों और ढीले सामान के रखरखाव पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। वहीं, खुले स्थानों में लोगों को तेज़ हवा और धूल की वजह से सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 फरवरी से उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं। पश्चिमी यूपी के जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक तथा बिजली की हल्की धमक भी सुनने को मिल सकती है। इससे तापमान की नमी बढ़ सकती है और मौसम में बदलते ढंग से लोगों को असर अनुभव हो सकता है। इसके साथ ही, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय धूप कम दिखाई दे सकती है और तापमान में कुछ उछाल देखने को मिल सकता है।
मौसम का बदलाव अगले तीन दिनों तक जारी रहने के कारण अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई खास बदलाव नहीं होगा। आम तौर पर तापमान 20°C के आसपास स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान कुछ इलाकों में कम रह सकता है। फिर भी 2–3 फरवरी के बाद तापमान में हल्का उछाल आने की संभावना है, जिससे दिन की सर्दी कुछ कम महसूस होगी। यह बदलाव मौसम के परिवर्तनशील रुझानों के कारण हो सकता है, जो पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय दबाव के संयोजन से उत्पन्न हुआ है।
उत्तर प्रदेश का मौसम आम तौर पर दो भागों में विभाजित होता है: पूर्वी और पश्चिमी। पूर्वी हिस्सों में, खासकर तराई क्षेत्र तथा सीमावर्ती जिलों में कोहरे की स्थिति अधिक गंभीर रहती है। वहीं पश्चिमी यूपी के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत समान और साफ रहने की संभावना है, लेकिन 1–2 फरवरी को वहाँ हल्की बारिश तथा हवाओं के बदलाव से मौसम थोड़ी हलचल में रह सकता है। लखनऊ सहित आसपास के केंद्रीय जिलों में धूप खिलने के कुछ अवसर भी मिल सकते हैं, लेकिन कोहरा सुबह-सुबह और तेज़ हवाओं के कारण तापमान अनुभव में थोड़ा सर्द रहेगा।
बदलते मौसम का असर सड़कों पर सफर करने वाले लोगों पर स्पष्ट रूप से दिख सकता है। सुबह के समय कोहरे की मोटी परत और कम दृश्यता के कारण यात्रा धीमी या जोखिम भरी हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुबह या देर रात की यात्रा से पहले मौसम का लेटेस्ट अपडेट अवश्य देखें।
इसके अलावा, बारिश तथा हवाओं के कारण सड़कें स्लिप या गीली हो सकती हैं, जिस पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने ड्राइवरों से धीमी गति से वाहन चलाने और विज़िबिलिटी कम होने पर साधन की हेडलाइट्स चालू रखने का आग्रह किया है।
किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है। कोहरे और बारिश की स्थिति से फसलों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव हो सकते हैं। कोहरे से नमी बनी रहेगी, परन्तु तेज़ हवाएँ और बारिश मिट्टी की नमी को बदल सकती है। इसलिए कृषि गतिविधियों में सावधानी और मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।