
अब हर कोई अपनी सुरक्षा में रिवॉल्वर, पिस्टल और कई तरह के असलहे रखता है। समय के साथ रिवॉल्वर पिस्टल और भी आधुनिक हो गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिवॉल्वर पिस्टल और बंदूक की पहचान किस देश ने और किसने दी। पत्रिका की अस्त्र-शस्त्र सीरीज में बताते हैं कि सबसे पहले बंदूक को चीन ने 9 वीं शताब्दी में तैयार कर अविष्कार किया था। चीन आज भी दुनिया में तकनीकी के लिए उच्च स्थान पर माना जाता है। वहीं, पहला रिवॉल्वर वर्ष 1836 में तैयार कर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया।
चीन ने असलहे के नाम पर एक पाउडर तैयार किया था। इससे के इस्तेमाल से ही बड़े बड़े असलहे तैयार कर दिया। पाउडर का आविष्कार करने के बाद, इन आविष्कारों को बाद में मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप में प्रसारित किया गया था। बड़ी-बड़ी तोप मिसाइलों में आज भी इसी पाउडर का इस्तेमाल होता है।
रिवाल्वर की खोज Samuel Colt ने की थी। सन् 1836 में सैमुअल कोल्ट नाम के एक व्यक्ति ने दुनिया के सामने एक ऐसी बंदूक रखी जिसमें एक बार में 5 गोलियां भरी जा सकती थी। तब से अब तक तकनीक ने नई नई ऐसी रिवॉल्वर उपलब्ध करा दी, जो एक हाथ नहीं बल्कि एक उंगली मात्र से चलाई जा सकती हैं।
अब उत्तर प्रदेश के कई ऐसे शहर हैं जो रक्षा यंत्र बनाने में देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं। कानपुर की बोफोर्स की विदेशों में डिमांड है। वहीं संडीला की बनीं वेब्ले स्कॉट अपनी खूबियों से लोगों की पसंद बन रही है। अलीगढ़ में बड़ी बड़ी गन तैयार हुई हैं।