लखनऊ

कौन हैं हीरा ठाकुर? BJP छोड़ कांग्रेस में पहुंचे, BSP के टिकट पर दो बार रहे MLC

Hira Thakur Political Career: हीरा ठाकुर ने 7 सितंबर 2026 को BJP छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। जानिए BSP से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले हीरा ठाकुर कौन हैं और SP-BJP में किन अहम पदों पर रहे।
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Sep 07, 2026
Hira Thakur Congress Hira Thakur BJP हीरा ठाकुर कौन हैं
भाजपा नेता हीरा ठाकुर कांग्रेस में हुए शामिल (photo- @INCIndia)

Hira Thakur Congress: उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। लखीमपुर खीरी के गोला विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले डॉ. हीरा ठाकुर ने 7 सितंबर 2026 को बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। लंबे राजनीतिक करियर में हीरा ठाकुर अलग-अलग दलों में रह चुके हैं और पिछड़े वर्ग की राजनीति में उनकी पहचान रही है।

हीरा ठाकुर का कांग्रेस में जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह BSP और SP में रहने के बाद बीजेपी में पहुंचे थे। अब करीब आठ साल बाद उन्होंने बीजेपी से भी दूरी बना ली है। उनका यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब यूपी की सियासत 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की ओर बढ़ रही है।

BSP से शुरू हुआ सियासी सफर

हीरा ठाकुर की राजनीतिक पहचान सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी के साथ मजबूत हुई। वह BSP के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे और लगातार दो कार्यकाल में करीब 12 साल तक MLC रहे। इस दौरान वह विधान परिषद में उपनेता समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। BSP शासन के दौरान उन्हें पार्टी के प्रमुख पिछड़े वर्ग के नेताओं में गिना जाता था। हालांकि, बाद में मायावती ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 2009 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

अखिलेश सरकार में भी रहे मंत्री

BSP से अलग होने के बाद हीरा ठाकुर ने समाजवादी पार्टी का रुख किया। 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव सरकार में उन्हें दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री का पद मिला। यानी उनका राजनीतिक सफर सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं रहा। BSP के बाद उन्होंने SP में अपनी जगह बनाई और फिर आगे चलकर बीजेपी में पहुंचे।

2018 में BJP में शामिल हुए

हीरा ठाकुर ने अप्रैल 2018 में बीजेपी का दामन थामा। बीजेपी सरकार में उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया। आयोग से जुड़ी जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने पिछड़े वर्ग से जुड़े मुद्दों और शिकायतों को लेकर कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी। बीजेपी के मंचों से वह लंबे समय तक पार्टी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में भी मुखर रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पार्टी के प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे थे।

पिछड़े वर्ग की राजनीति से रही पहचान

हीरा ठाकुर की राजनीति का एक बड़ा आधार पिछड़ा वर्ग रहा है। वह उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2021 में योगी सरकार ने उन्हें दोबारा आयोग के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी थी। इसके अलावा वह राष्ट्रीय कर्पूरी ठाकुर विचार मंच से भी जुड़े रहे हैं और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बताए जाते हैं। कर्पूरी ठाकुर की राजनीति और पिछड़े वर्ग के सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर उनका जुड़ाव उनके राजनीतिक सफर का अहम हिस्सा रहा है।

अब कांग्रेस में नई राजनीतिक पारी

अब 7 सितंबर 2026 को बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद हीरा ठाकुर ने अपने राजनीतिक सफर में एक और बड़ा मोड़ लिया है। BSP, SP, BJP, Congress का यह सफर उन्हें यूपी की उन राजनीतिक हस्तियों में शामिल करता है, जिन्होंने अलग-अलग दौर में अलग-अलग दलों के साथ काम किया है। आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनका कांग्रेस में जाना कितना राजनीतिक असर डालता है, यह आने वाले समय में साफ होगा। खासकर लखीमपुर खीरी और पिछड़ा वर्ग की राजनीति में उनकी सक्रियता कांग्रेस के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है, इस पर भी नजर रहेगी।

Updated on:
07 Sept 2026 06:19 pm
Published on:
07 Sept 2026 06:19 pm