
PCS Anupama Raag: उत्तर प्रदेश की पीसीएस (PCS) अधिकारी अनुपमा राग इन दिनों अपने अचानक दिए गए इस्तीफे को लेकर काफी चर्चा में हैं। वह राज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर (GST) के पद पर तैनात थीं। अनुपमा राग की पहचान केवल एक तेजतर्रार प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर ही सीमित नहीं है बल्कि, वह पेशे से एक शानदार गायिका और संगीतकार भी हैं। चलिए समझते हैं कि आखिर क्यों अनुपमा राग इस्तीफे के बाद चर्चा में आ गई हैं।
अनुपमा राग यूपी की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ संगीत के अपने शौक को भी पेशेवर रूप से आगे बढ़ाया है। वह एक बेहतरीन गायिका होने के साथ-साथ खुद गीत लिखती हैं और संगीत भी तैयार करती हैं। उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और चर्चित प्रवक्ता हैं। उनकी मां सुशीला सरोज मोहनलालगंज से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और उनके पिता राम प्रकाश सरोज भी एक IPS अधिकारी रहे हैं।
अनुपमा राग ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर सरकारी सेवा छोड़ने की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने भविष्य में नए संकल्प के साथ नया सफर शुरू करने की बात कही है। उनके इस फैसले के बाद राजनीति में उनके एंट्री की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि, वह आगामी चुनाव में सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अनुपमा ने साल 2011 में फिल्म 'बिन बुलाए बाराती' के हिट गाने 'शालू के ठुमके' से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'मिले ना मिले हम' के लिए मशहूर गायक राहत फतेह अली खान के साथ 'नजर से नजर मिले' गाना गाया था। साल 2013 में फिल्म 'जिला गाजियाबाद' और साल 2014 में आई फिल्म 'गुलाब गैंग' के गाने 'रंगी सारी गुलाबी' में भी उनकी आवाज का जादू चला था। उनके बेहतरीन काम को देखते हुए उन्हें साल 2016 में यूपी सरकार के प्रतिष्ठित 'यश भारती सम्मान' से भी नवाजा जा चुका है।
अनुपमा राग को बचपन से ही शास्त्रीय संगीत में गहरी रुचि रही है। उन्होंने लखनऊ घराने के उस्ताद गुलशन भारती और ग्वालियर घराने के योगेंद्र भट्ट से विधिवत संगीत सीखा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि, वह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ गायिकी के लिए भी हमेशा समय निकालती थीं और उनके पति अनुराग भदौरिया ने हमेशा उनके संगीत के सफर में सहयोग किया।
आपको बता दें कि अनुपमा राग से पहले यूपी कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने भी अचानक सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था। बता दें कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इस्तीफे के बाद उन्होंने राजनीति में आने का ऐलान किया और 'जननीति भारत पार्टी' का गठन कर 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। अब अनुपमा राग के इस्तीफे को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।