
Dawood Ibrahim News: मुंबई अंडरवर्ल्ड और दाऊद इब्राहिम से जुड़ी कहानियां अक्सर पुलिस अधिकारियों के अनुभवों और पुराने ऑपरेशनों के जरिए सामने आती रही हैं। अब उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय अपने एक दावे को लेकर चर्चा में हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम को कराची में मारने की योजना बनाई गई थी और इसके लिए शूटर्स पाकिस्तान तक पहुंच गए थे। हालांकि, सूचना लीक होने के कारण ऑपरेशन को अंजाम नहीं दिया जा सका। लेकिन दाऊद से जुड़े इस बड़े दावे के बाद सवाल उठता है कि आखिर राजेश पांडेय कौन हैं और उनका पुलिस करियर कैसा रहा है?
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी रहे हैं। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने अपराध और गैंग से जुड़े कई मामलों को करीब से देखा। यही वजह है कि अंडरवर्ल्ड से जुड़े उनके अनुभव और दावे चर्चा का विषय बनते हैं। हाल ही में न्यूज चैनल 'भारत समाचार' के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड और दाऊद इब्राहिम से जुड़े घटनाक्रमों पर बात की। इसी दौरान उन्होंने कराची में दाऊद को निशाना बनाने की कथित योजना का जिक्र किया।
पांडेय के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम को कराची में खत्म करने की योजना बनाई गई थी। उनके दावे के अनुसार, इस काम के लिए शूटर्स पाकिस्तान तक पहुंच भी गए थे, लेकिन ऑपरेशन की जानकारी लीक हो गई और पूरी योजना विफल हो गई। उन्होंने इस मुखबिरी के पीछे नेपाल के पूर्व सांसद मिर्जा दिलशाद बेगका नाम लिया। पांडेय का दावा है कि बाद में नेपाल में बेग की हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव ने उनके सामने बेग की हत्या की बात कबूल की थी।
पूर्व IPS ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद दाऊद के पाकिस्तान पहुंचने का दावा भी किया। उनके मुताबिक, ब्लास्ट के बाद जब दाऊद के गैंग में इस घटना को लेकर चर्चा हुई तो दाऊद ने खुद को इससे अलग बताया और टाइगर मेमन का नाम लिया। पांडेय के अनुसार, इसके बाद दाऊद, छोटा शकील और उसके साथ रहने वाले कुछ लोग पाकिस्तान चले गए। उन्होंने दावा किया कि दाऊद के पास गैंग के कई सदस्यों के पासपोर्ट थे और उसके जाने के बाद दूसरे सदस्यों को अपने पासपोर्ट नहीं मिले।
राजेश पांडेय के मुताबिक, इसके बाद गैंग के कई सदस्य अलग-अलग देशों में चले गए। बबलू श्रीवास्तव के सिंगापुर और छोटा राजन के इंडोनेशिया जाने का भी उन्होंने जिक्र किया। उनके अनुसार, दाऊद के इस कदम से उसके गैंग के कई लोग नाराज हुए और अंडरवर्ल्ड में गुटबाजी और दुश्मनी बढ़ती चली गई। उन्होंने आगे अरुण गवली और दाऊद के बीच टकराव का जिक्र करते हुए दावा किया कि गवली के गिरोह ने दाऊद के सगे जीजा इब्राहिम पारिकर की हत्या कर दी थी।