
जनता दर्शन में प्रदेशभर से आए लोगों की सुनी समस्याएं (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Chief Minister Janata Darshan Lucknow:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर उनकी शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आमजन को राहत पहुंचाना है। किसी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से अधिकारियों के कार्यालयों और विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संवाद के लिए अपनाया गया सहज तरीका भी चर्चा में रहा। कुर्सियों पर बैठे पीड़ितों के पास मुख्यमंत्री स्वयं चलकर पहुंचे और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने लोगों से उनकी शिकायतों के संबंध में आवश्यक जानकारी ली और उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का परीक्षण करते हुए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को कार्रवाई की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के साथ प्रशासन, पुलिस और राजस्व से जुड़े मामलों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनता दर्शन में पुलिस से संबंधित शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित की शिकायत पर थाना, चौकी अथवा बीट स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी करें। किसी मामले में यदि पीड़ित को स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं मिलती है तो संबंधित अधिकारी इसकी समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ित को न्याय और सुरक्षा का भरोसा देना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी मामले में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया। जमीन से संबंधित विवादों में अनावश्यक देरी को लेकर उन्होंने अधिकारियों को गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का आपसी समन्वय के साथ निस्तारण कराया जाए, ताकि छोटे विवाद आगे चलकर बड़े विवाद का रूप न लें।
मुख्यमंत्री ने जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगई करने वाले भू-माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कमजोर और जरूरतमंद लोगों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी पीड़ित को दबंगों या भू-माफिया के कारण अपनी संपत्ति और अधिकारों से वंचित नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक समय से पहुंचे। जनता दर्शन में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों के मामलों में अधिकारियों को पात्रता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को लेकर आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं की जानकारी और लाभ दोनों पहुंचना चाहिए।
जनता दर्शन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और पात्रतानुसार उपलब्ध योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इलाज के अभाव में किसी जरूरतमंद को परेशानी न उठानी पड़े। संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखते हुए आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकतानहीं, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिकायत लेकर आने वाले व्यक्ति की बात को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समस्या की वास्तविक स्थिति को समझने के बाद समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता के साथ-साथ तेजी भी जरूरी है। किसी मामले में यदि तत्काल समाधान संभव है तो उसे अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। वहीं जिन मामलों में जांच या किसी अन्य विभाग की रिपोर्ट आवश्यक हो, उनमें भी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बच्चों के प्रति स्नेह भी देखने को मिला। अपने अभिभावकों के साथ जनता दर्शन में पहुंचे नन्हे-मुन्नों से मुख्यमंत्री ने बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और शिक्षा के साथ खेल, संगीत, कला जैसी अन्य रुचिकर गतिविधियों में भी हिस्सा लें। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिले और पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। पुलिस, राजस्व, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।
Updated on:
14 Sept 2026 04:20 pm
Published on:
14 Sept 2026 04:20 pm
