- उत्तर प्रदेश राज्य पिछङ़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल - उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनीं आनंदी बेन पटेल - जगदीश धनकर पश्चिम बंगाल, लालजी टंडन मध्य प्रदेश, रमेश बैस त्रिपुरा और आएन रवि नागालैंड के नये राज्यपाल बने
लखनऊ. मऊ जिले के घोसी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक और उत्तर प्रदेश राज्य पिछङ़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष फागू चौहान (Fagu Chauhan) को बिहार का राज्यपाल बनाया है। 71 वर्षीय चौहान को राज्यपाल बनाए जाने का निर्णय चौकाने वाला है। लंबे समय से भाजपा से जुड़े चौहान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। योगी सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का चेयरमैन बनाया है। यह कैबिनेट मंत्री स्तर का पद होता है। विधायक के रूप में अभी चौहान का कम से कम तीन साल का कार्यकाल बाकी है। लेकिन, बिहार जैसे बड़े राज्य में फागू को राज्यपाल के पद पर मनोनयन से भाजपा बिहार में पिछड़े वर्ग की जनता को संदेश देना चाहती है। बिहार में अगले साल चुनाव होने हैं। वहां पिछड़ी जाति में आने वाली लोनिया, नोनिया बिरादरी की बहुलता है। लगता है इस जाति को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह निर्णय लिया है।
फागू चौहान को मुख्यमंत्री योगी और गृहमंत्री अमित शाह का बहुत करीबी माना जाता है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में इनकी गिनती होती है। लगता है पार्टी ने इसी बात का इनाम फागू को दिया है। बिहार में खत्री जाति की संख्या काफी कम है। लगता है इसीलिए यहां के राज्यपाल लालजी टंडन को बिहार से मध्यप्रदेश भेजा गया है। वैसे भी बिहार में कांग्रेस मुख्यमंत्री कमलनाथ राजनीति के बहुत ही मंझे हुए खिलाड़ी हैं। उनसे निपटना गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की बात नहीं थी। वैसे भी माना जाता है कि आनंदी बेन पटेल की कमलनाथ से पट नहीं रही थी। इसलिए उन्हें उप्र भेजा गया है।