लखनऊ

प्रतीक यादव आखिर क्यों राजनीति से थे दूर? मुलायम के बेटे के अखिलेश के साथ कैसे थे रिश्ते?

Prateek Yadav Latest News: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव आखिर क्यों राजनीति से दूर रहे? जानिए, उनके अखिलेश यादव के साथ रिश्ते कैसे थे?
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May 18, 2026
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मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव आखिर क्यों रहे राजनीति से दूर? फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Prateek Yadav Latest News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का बीते बुधवार (13 मई) को 38 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी अपर्णा यादव (Aparna Yadav) और दो बच्चे हैं। प्रतीक यादव कारोबारी थे और उन्होंने हमेशा राजनीति से दूरी बनाए रखी। उनकी पत्नी अपर्णा यादव फिलहाल बीजेपी की नेता हैं, लेकिन खुद प्रतीक कभी सक्रिय राजनीति में नहीं आए।

2004 में सार्वजनिक हुआ था साधना और प्रतीक का रिश्ता

एक निजी चैनल से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार राधेकृष्ण ने बताया कि मुलायम सिंह यादव ने साल 2004 में सार्वजनिक रूप से साधना गुप्ता और प्रतीक यादव के साथ अपने रिश्तों को स्वीकार किया था। इसके बाद ही राजनीतिक और पारिवारिक हलकों में प्रतीक यादव को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं।

लखनऊ से लेकर लीड्स यूनिवर्सिटी तक की पढ़ाई

प्रतीक यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया और फिर इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। जब प्रतीक यादव सार्वजनिक तौर पर सामने आए, तब मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि साल 2012 में अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उत्तराधिकार की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई।

राजनीति में क्यों नहीं आए प्रतीक यादव?

वरिष्ठ पत्रकार राधेकृष्ण के मुताबिक, प्रतीक यादव की राजनीति में कभी खास रुचि नहीं रही। उन्होंने हमेशा खुद को राजनीतिक विवादों और पार्टी की अंदरूनी खींचतान से दूर रखा। हालांकि साल 2012 में समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने मांग की थी कि उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव में आज़मगढ़ से टिकट दिया जाए, लेकिन राजनीति में दिलचस्पी न होने की वजह से यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

अपर्णा यादव ने चुना राजनीति का रास्ता

जहां प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहे, वहीं उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने राजनीतिक करियर चुना। उन्होंने साल 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। बाद में साल 2022 में वह बीजेपी में शामिल हो गईं। वर्तमान में वह राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।

कारोबार पर रहा पूरा फोकस

लखनऊ के पत्रकार नवलकांत सिन्हा ने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान कहा, '' प्रतीक यादव रियल एस्टेट और जिम बिजनेस से जुड़े हुए थे। उन्होंने अपना पूरा ध्यान कारोबार बढ़ाने पर लगाया और कभी सक्रिय राजनीति में आने की कोशिश नहीं की। कई बार उनके राजनीति में आने की अटकलें लगीं, लेकिन हर बार उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

कैसे थे अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के रिश्ते

प्रतीक यादव के निधन पर अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि वह बचपन से प्रतीक को जानते थे और दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे। अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उस दौरान उन्होंने प्रतीक को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार पर फोकस करने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कारोबारी नुकसान कई बार इंसान को मानसिक रूप से तोड़ देता है। पारिवारिक सूत्रों की माने तो अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के रिश्ते सामान्य और अच्छे थे। साथ ही दोनों की समय-समय पर मुलाकात होती रहती थी।