लखनऊ

विवेक हत्याकांड: मृतक की पत्नी को लखनऊ नगर निगम में मिला जनसंपर्क अधिकारी का पद दिये जाने की चर्चा

यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से एपल कंपनी के एरिया मैनेजर की मौत हुई थी...
2 min read
Oct 01, 2018
kalpna tiwari will be pro
लखनऊ हत्याकांड : मृतक विवेक तिवारी की पत्नी को नगर निगम में मिला जनसंपर्क अधिकारी का पद


लखनऊ. यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी की गोली से मौत का शिकार हुए एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी को केंद्रीयकृत सेवा के तहत नगर निगम में जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) का पद देने की चर्चा चल रही है। सोमवार को स्वर्गीय विवेक की पत्नी कल्पना सिंह ने भाई विष्णु शुक्ला के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

कल्पना तिवारी ने सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम से मृतक की पत्नी के मुलाकात के बाद सरकारी मशीनरी में तेजी आ गई। उस दौरान उनके साथ उनका भाई विष्णु शुक्ला और डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा मौजूद थे। दोपहर में लखनऊ के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने कल्पना के घर पहुंचकर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा किये। थोड़ी ही देर बाद नगर निगम की ओर से उन्हें लखनऊ कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी का पद देने की बात कही गई।

सरकार ने उठाई ये जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने मृतक विवेक तिवारी की पत्नी को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा मृतक की मां को पांच लाख रुपये और बच्चों की पढ़ाई के लिये भी योगी सरकार ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए आवास की बात भी कही जा रही है। आपको बता दें कि मृतक की पत्नी ने राज्य सरकार से पुलिस विभाग में नौकरी और मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपये की मांग की थी।

कहा- राज्य सरकार पर पूरा भरोसा
सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मृतक विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा था कि सीएम योगी ने उनकी हर बात सुनी है, साथ ही मामले में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि मुझे राज्य सरकार पर पहले से ही पूरा भरोसा था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद ये भरोसा और मजबूत हो गया है। विपक्षी दल भले ही मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मुलाकात के बाद कल्पना तिवारी ने विवेक मर्डर केस की जांच सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि इस मामले की जांच एसआईटी ही करे।

Updated on:
02 Oct 2018 04:23 pm
Published on:
01 Oct 2018 06:55 pm