लखनऊ

UP Crime: प्रेम संबंध के लिए पति को गोवध मामले में फंसाने की साजिश, हाईकोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

Woman Allegedly Frames Husband in Cow Slaughter Case: लखनऊ में एक चौंकाने वाले मामले में महिला पर अपने पति को गोवध के मामलों में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला तब और गंभीर हो गया जब हाईकोर्ट परिसर में महिला को पकड़ने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर नियम उल्लंघन का आरोप लगा और वे निलंबित कर दिए गए।

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Jan 22, 2026
दूसरे युवक के साथ भागने की चाह में पति को गोवध मामले में फंसाने की साजिश, हाईकोर्ट परिसर में पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Crime Investigation: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तीन पुलिसकर्मी कथित रूप से एक महिला को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से न्यायालय परिसर में दाखिल हो गए। मामला न केवल एक पारिवारिक विवाद से जुड़ा था, बल्कि इसमें गोवध जैसे संवेदनशील आरोप, पुलिस की कथित नियम विरुद्ध कार्रवाई और हाईकोर्ट की गरिमा से जुड़ा गंभीर सवाल भी खड़ा हो गया।

पुलिस के अनुसार, उक्त महिला अपने पति को गोवध के मामलों में फंसाकर जेल भिजवाना चाहती थी, ताकि वह अपने एक मित्र के साथ रह सके, जिससे उसका कथित प्रेम संबंध था। हालांकि, जब पुलिस उसे हाईकोर्ट परिसर में हिरासत में लेने पहुंची, तो महिला वहां से भागने में सफल हो गई। इस घटनाक्रम के बाद तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवैध प्रवेश (ट्रेसपासिंग) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया।

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पति को फंसाने की कथित साजिश की पृष्ठभूमि

लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (DCP) विश्वजीत श्रीवास्तव ने  बताया कि महिला द्वारा अपने पति को झूठे मामलों में फंसाने की कथित योजना पिछले वर्ष तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, महिला अपने एक मित्र के साथ रिश्ते में थी और पति से अलग होकर उसके साथ रहना चाहती थी। इस उद्देश्य से, महिला के मित्र ने कथित रूप से एक दक्षिणपंथी संगठन के सोशल मीडिया समूह में फर्जी नाम से सदस्यता ली। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

पहला मामला: SUV में 2 किलो मांस रखवाया गया

पुलिस के मुताबिक सितंबर महीने में महिला के मित्र ने कथित तौर पर 2 किलो मांस महिला के पति की SUV में रख दिया। यह गाड़ी उस समय हजरतगंज इलाके में खड़ी थी। इसके बाद महिला के मित्र ने संबंधित दक्षिणपंथी संगठन को सूचना दी कि एक वाहन में संदिग्ध मांस रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन से मांस बरामद किया गया। चूंकि वाहन महिला के पति के नाम पर पंजीकृत था, इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेजा गया, हालांकि लगभग एक महीने बाद उसे जमानत मिल गई।

दूसरी साजिश: सप्लाई वाहन और 10 किलो मांस

पहले मामले के बावजूद महिला कथित तौर पर नहीं रुकी। पुलिस के अनुसार, दूसरी बार उसने और अधिक सुनियोजित तरीके से अपने पति को फंसाने की कोशिश की। DCP श्रीवास्तव के अनुसार, महिला ने अपने पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर एक सप्लाई वाहन ऑनलाइन बुक किया और उसकी पूरी जानकारी अपने मित्र को साझा कर दी। 14 जनवरी को महिला का मित्र कथित रूप से 10 किलो मांस लेकर आया। सप्लाई वाहन को एक ऐसे पते पर भेजा गया, जहां से पैक किया हुआ कंसाइनमेंट उठाया जाना था। डिलीवरी की लोकेशन काकोरी क्षेत्र में बताई गई, जो महिला के पति की एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के पास स्थित थी।

फिर दी गई सूचना, फिर पकड़ा गया पति

पुलिस के अनुसार, इस बार भी महिला के मित्र ने उसी दक्षिणपंथी संगठन को सूचना दी कि एक वाहन में मांस ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वाहन को रोककर तलाशी ली और मांस बरामद कर लिया। चूंकि वाहन बुकिंग में महिला के पति का विवरण दर्ज था, इसलिए पुलिस ने एक बार फिर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान पति ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी के आचरण पर संदेह था, जिसके चलते उसने अपने घर में CCTV कैमरे लगवा रखे थे।

CCTV फुटेज से खुला राज

पुलिस द्वारा CCTV फुटेज की जांच किए जाने पर यह सामने आया कि घटना से दो दिन पहले महिला अपने पति का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रही थी। इसी आधार पर पुलिस को संदेह हुआ कि पूरे मामले के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। जांच आगे बढ़ी तो महिला और उसके मित्र की भूमिका पर सवाल खड़े हुए और महिला को मामले में आरोपी बनाया गया।

हाईकोर्ट परिसर में पुलिस की कार्रवाई

DCP विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि महिला मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ परिसर में एक वकील से मिलने आने वाली है। इसके बाद तीन पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि वे कोर्ट परिसर के बाहर निगरानी रखें और महिला के बाहर निकलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें। हालांकि, आरोप है कि तीनों पुलिसकर्मी निर्देशों की अनदेखी करते हुए सीधे हाईकोर्ट परिसर में स्थित वकील के चैंबर तक पहुंच गए और महिला को हिरासत में लेने की कोशिश की।

महिला फरार, पुलिसकर्मी निलंबित

इस दौरान महिला मौके से फरार होने में सफल हो गई। वहीं, हाईकोर्ट परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने और गिरफ्तारी का प्रयास करने को लेकर मामला गंभीर हो गया। DCP श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट परिसर में किसी आरोपी को गिरफ्तार करना नियमों का उल्लंघन है। इसे न्यायालय की गरिमा के खिलाफ गंभीर अपराध माना जाता है। इस मामले में तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ ट्रेसपासिंग समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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