लखनऊ

संसद में गिरा महिला आरक्षण बिल, अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, ‘कहा- जाने का समय आ गया’

महिला आरक्षण बिल 2026 के पास न होने पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे दलित और पिछड़ी महिलाओं के खिलाफ साजिश बताया।

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Apr 18, 2026
Akhilesh Yadav

महिला आरक्षण बिल 2026: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (संविधान संशोधन विधेयक) के पास न होने पर बहुत सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भाजपा की कुटिल राजनीति बताया। अखिलेश ने कहा कि यह बिल दलित और पिछड़ी महिलाओं को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने इसे जनविरोधी जुमला करार दिया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शायराना अंदाज में लिखा कि इनकी फरेबी गाड़ी फिर से थमी ही रह गयी। अब कहेंगे हमारी कोशिशों में कमी रह गयी। उनका यह बयान लोगों के बीच काफी चर्चा में रहा।

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विपक्ष की एकता और भाजपा की हार

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए भाजपा ने यह तथाकथित महिला आरक्षण बिल लाया था। लेकिन यह बिल पास न हो पाना भाजपा की हार है। उन्होंने इसे भाजपा की बदनीयत की हार बताया। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का हर प्रयास या तो कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए होता है या फिर समाज को बांटने का छलावा होता है। इस बार भाजपा इस बिल के जरिए महिलाओं की एकता में दरार डालकर उन्हें ठगना चाहती थी। लेकिन विपक्ष की मजबूत एकता ने भाजपा के मंसूबों को धूल चटा दी। यह भाजपा के खिलाफ देश की सक्रिय जन चेतना की जीत है। विपक्ष इस जन चेतना का प्रतिनिधित्व कर रहा है। अखिलेश यादव के अनुसार, भाजपा ने सरकार में बने रहने का नैतिक आधार खो दिया है।

संसद में हार का मतलब

अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि संसद में जो सरकार हार जाती है, वो बाहर भी जाना चाहिए। आज इंडिया गठबंधन की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि भाजपा नैतिक रूप से सरकार चलाने का अधिकार खो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह जनता की जीत है। पूरे देश में सालों बाद हर्षोल्लास का माहौल बना है। जनता को अब विश्वास हो गया है कि बुरे दिन जाने वाले हैं। लोग खुशी मना रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि बदलाव आने वाला है।

महिलाओं के प्रदर्शन पर सवाल

अखिलेश यादव ने एक्स पर महिलाओं के प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा, "भाजपावाले लगभग 12 करोड़ महिलाओं वाले उत्तर प्रदेश में 12 महिलाओं को तो भेजते।" यह टिप्पणी भाजपा पर व्यंग्य है। अखिलेश का कहना है कि भाजपा महिलाओं के नाम पर सिर्फ बातें करती है, लेकिन असल में उन्हें सही प्रतिनिधित्व नहीं देती। उत्तर प्रदेश जैसी बड़ी आबादी वाली राज्य में भी महिलाओं की संख्या बहुत कम है।

विपक्ष की भूमिका और भविष्य

विपक्ष का मानना है कि उन्होंने इस बिल का विरोध इसलिए किया, क्योंकि इसमें महिलाओं के सच्चे हितों की रक्षा नहीं हो रही थी। अखिलेश यादव ने बार-बार कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन भाजपा इसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही थी। विपक्ष की एकता ने दिखाया कि देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। लोग भाजपा की राजनीति को अच्छी तरह समझ रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि जब विपक्ष एक हो जाता है तो कोई भी गलत योजना सफल नहीं हो पाती। जनता की इस जीत से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में महिलाओं को सच्चा अधिकार मिलेगा। दलित, पिछड़ी और सभी वर्गों की महिलाओं का हित सुरक्षित रहेगा। अखिलेश यादव की इस प्रतिक्रिया ने विपक्ष को और मजबूत किया है।

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Updated on:
18 Apr 2026 07:16 am
Published on:
18 Apr 2026 07:09 am
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