
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (File Photo- Patrika)
Akhilesh Yadav Paper Leak Statement: दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा प्रमुख ने कहा कि परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा बिल्कुल साफ है। सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं और मांगों को मान लेना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह मुद्दा बहुत स्पष्ट है। सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं को समझना चाहिए। खुद संबंधित मंत्री ने माना कि परीक्षा में गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पेपर लीक हो गया था, इसलिए नीट परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। इससे हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो गया। पेपर लीक अब नई बात नहीं रह गई है। यह बार-बार हो रहा है। लगता है केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार में होड़ लगी है कि कौन ज्यादा पेपर लीक कराएगा। केंद्र के समय में करीब 150 लीक हुए तो यूपी में भी 20 हो चुके हैं। ‘डबल इंजन’ सरकार कहलाने वाली यह सरकार बार-बार ऐसा होने दे रही है, यह हैरान करने वाली बात है।
अखिलेश ने कहा कि पेपर सिर्फ लीक नहीं हो रहे, बल्कि इन्हें लीक करवाया जा रहा है। इसका मकसद नौकरियां अपनी मनमानी से भरना है। आरक्षण का मुद्दा भी इससे जुड़ा हुआ है। जब तक संबंधित मंत्री इस्तीफा नहीं देते, हम संसद में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों की मांगों को पूरा किया जाए।
हिटलर से की केंद्र सरकार की तुलना
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की कार्रवाई को हिटलर की तानाशाही से जोड़ते हुए कहा कि छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के 24 जुलाई को प्रस्तावित जनसभा को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। इस पर अखिलेश यादव ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार बड़ी अनोखी है। अनुमति आखिरी समय पर देती है। देखिएगा, जब सिर्फ एक दिन बचेगा तब शंकराचार्य को अनुमति दे दी जाएगी। तब वे तैयारी कैसे करेंगे, लोगों को कैसे जुटाएंगे? जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि उन्हें मुश्किल में डाला जा सके।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। छात्रों के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश और धार्मिक नेताओं की सभाओं में रोड़े अटकाने से साफ है कि सरकार असहज हो गई है।
नीट घोटाले और पेपर लीक की घटनाएं पिछले कई महीनों से सुर्खियों में हैं। छात्रों का कहना है कि मेहनत का फल उन्हें नहीं मिल रहा, जबकि कुछ लोग पैसे और सिफारिश से आगे निकल जा रहे हैं। अखिलेश यादव की इस आक्रामक रुख से साफ है कि विपक्ष अब संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे को उठाए रखना चाहता है।
Updated on:
23 Jul 2026 05:07 pm
Published on:
23 Jul 2026 05:07 pm
