लखनऊ

Yogi Action: यूपी में अवैध ई-रिक्शा और ऑटो पर चलेगा आज से महाअभियान, 30 अप्रैल तक होगी सख्त कार्रवाई

Rickshaw Vehicles Campaign: उत्तर प्रदेश में अवैध ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग ने यह फैसला लिया है। अभियान के तहत अनधिकृत वाहनों पर कार्रवाई होगी, नाबालिग चालकों पर प्रतिबंध लगेगा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

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Apr 01, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर परिवहन विभाग का बड़ा कदम

Yogi Government Unauthorized Vehicles Campaign: उत्तर प्रदेश में अनधिकृत ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर कड़ा शिकंजा कसने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते दिनों अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सख्त निर्देश दिए गए थे कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अनधिकृत वाहनों पर कार्यवाही की जाए। इसी क्रम में पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियान की मुख्य विशेषताएँ

  • सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था होगी सुदृढ़ - अनधिकृत वाहनों की वजह से होने वाली घटनाओं पर लगेगा अंकुश।
  • नाबालिगों के हाथ में नहीं होगी स्टेयरिंग - नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई।
  • वाहन और चालक का अनिवार्य सत्यापन - सभी टेंपो और ई-रिक्शा चालकों का पुलिस व परिवहन विभाग से सत्यापन कराया जाएगा।
  • नोडल अधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग - अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • सभी जिलों में गठित होगी टास्क फोर्स - जिला स्तर पर पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम निगरानी करेगी।
  • हर शुक्रवार को शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट - अभियान की प्रगति की रिपोर्ट नियमित रूप से शासन को प्रेषित की जाएगी।

मुख्यमंत्री के आदेश: सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि अनधिकृत वाहनों के कारण कई घटनाएँ हो चुकी हैं और इस पर तुरंत रोक लगाने की आवश्यकता है। सीएम योगी के निर्देशानुसार, सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों और पुलिस विभाग को इस अभियान को सफल बनाने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।

नाबालिगों के लिए विशेष दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाता हुआ पाया जाता है तो वाहन मालिक और उसके अभिभावकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

परिवहन विभाग की रणनीति

परिवहन विभाग ने इस अभियान के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इस अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करें। इसके तहत हर जिले में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसमें पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम नियमित रूप से सड़कों पर निगरानी रखेगी और अनधिकृत वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई करेगी।

मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त

अभियान की मॉनिटरिंग के लिए मुख्यालय स्तर पर अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे प्रतिदिन इस अभियान की समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके अलावा जिलों में संभागीय परिवहन अधिकारियों को भी अभियान के सफल संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।

परिवहन आयुक्त का बयान

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि, "मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विगत दिनों बैठक ली थी। इसमें उन्होंने अनधिकृत ई-रिक्शा व ऑटो के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्देश दिया था। यह अभियान 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यालय स्तर से इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी और हर शुक्रवार को शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।"

अभियान से जनता को होने वाले लाभ

  • सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर रोक लगेगी।
  • कानून व्यवस्था में सुधार होगा।
  • यात्रियों को सुरक्षित और अधिकृत परिवहन सेवाएं मिलेंगी।
  • अनधिकृत वाहन संचालकों पर कार्रवाई होगी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।

नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा

यदि कोई ई-रिक्शा या ऑटो बिना अनुमति के पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन जब्त करने के साथ-साथ जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण भी शामिल होगा। यदि किसी नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके अभिभावकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम तैनात

प्रदेश भर में अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम सड़कों पर तैनात रहेगी। ये टीम मुख्य रूप से रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग करेगी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद से भी निगरानी रखी जाएगी।

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