
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Sarkar) के पहले कैबिनेट विस्तार (Yogi Adityanath Cabinet Expansion) के बाद उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की संख्या 56 हो गई है। इनमें 28 मंत्री अगड़ी जाति के, 19 मंत्री पिछड़ी जाति के, 07 चेहरे अनुसूचित जातियों से और एक-एक मंत्री मुस्लिम और सिख समुदाय से हैं। मतलब आधे मंत्री अगड़े हैं और आधे गैर अगड़ी बिरादरी के। बुधवार को योगी कैबिनेट में जिन 18 नये चेहरों को मंत्रिमंडल में शपथ दिलाई गई, उनमें 15 मंत्री करोड़पति बताये जाते हैं। कहा जा रहा है कि इनमें से दो मंत्री तो सर्वाधिक संपत्ति वाले टॉप टेन मिनिस्टर्स में शामिल हैं।
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने पहले कैबिनेट विस्तार में 23 मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें जहां पांच को प्रमोट किया गया, वहीं 18 नये चेहरों को शामिल किया गया है। नये मंत्रियों में सबसे ज्यादा अमीर शिकारपुर से विधायक अनिल शर्मा हैं, जिनके पास करीब 14 करोड़ की संपत्ति है। वाराणसी से विधायक रवींद्र जायसवाल नये मंत्रियों में दूसरे सबसे अमीर मंत्री हैं।
गिरीश चंद्र यादव की संपत्ति सबसे कम
योगी मंत्रिमंडल (UP Cabinet)में नये बने मंत्रियों में बलिया नगर से विधायक आनंद स्वरूप शुक्ल की संपत्ति सबसे कम है। उनके पास महज 31 लाख रुपए की संपत्ति है। ओवरआल मंत्रियों में सबसे कम संपत्ति गिरीश चंद्र यादव के पास है। जौनपुर से बीजेपी विधायक गिरीश चंद्र यादव के पास महज 13 लाख रुपए की संपत्ति है।
नंद गोपाल नंदी सबसे अमीर मंत्री
योगी कैबिनेट के कुल 56 मंत्रियों की लिस्ट में नंद गोपाल नंदी का नाम टॉप पर है। इलाहाबाद साउथ से विधायक नंदी के पास कुल 57 करोड़ की संपत्ति है। 2017 में जब योगी मंत्रिमंडल का गठन हुआ था कि उन्हें स्टाम्प और नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया था। इनके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सिद्धार्थनाथ सिंह का नाम भी करोड़पति मंत्रियों की लिस्ट में शामिल है। सिद्धार्थनाथ सिंह के पास 22 करोड़ की संपत्ति और केशव प्रसाद मौर्य के नौ करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति है।
टॉप टेन करोड़पति मंत्री
नंद गोपाल नंदी- 57 करोड़
सिद्धार्थनाथ सिंह- 22 करोड़
सतीश महाना- 20 करोड़
अनिल शर्मा- 14 करोड़
अतुल शर्मा- 12 करोड़
राजेंद्र प्रताप सिंह- 09 करोड़
केशव प्रसाद मौर्य- 09 करोड़
जय प्रताप सिंह- 07 करोड़
चेतन चौहान- 06 करोड़
रवींद्र जायसवाल- 06 करोड़