
लखनऊ.योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जल्द ही बड़ा फेरबदल (Yogi Cabinet Reshuffle) हो सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) का बीजेपी का मंत्रिपद छिन सकता है। उनका विभाग बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसी मंत्री को दिया जा सकता है या फिर किसी नये चेहरे को परिवहन मंत्रालय का जिम्मा सौंपा जा सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में स्वतंत्र देव सिंह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। चूंकि, भारतीय जनता पार्टी में 'एक व्यक्ति एक पद' का फॉर्मूला लागू है, ऐसे में उन्हें मंत्रीपद की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है।
स्वतंत्र देव सिंह के मंत्रीपद छोड़ते ही कैबिनेट में रिक्त पदों की संख्या 17 हो जाएगी। यूपी कैबिनेट में सदस्यों की संख्या 60 तक हो सकती है। मार्च 2017 में जब योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanth) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब मंत्रियों की संख्या 47 थी। इसके बाद से कोई फेरबदल नहीं हुआ है, जबकि तीन मंत्री इस्तीफा कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि एक मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त किया जा चुका है। अब मंत्रियों की संख्या 43 है।
यह मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
योगी मंत्रिमंडल में शामिल रहे तीन विधायक 2019 के लोकसभा चुनाव सांसद चुने जाने के बाद कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें सत्यदेव पचौरी (Satyadev Pachauri), डॉ. एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) और डॉ. रीता बहुगुणा जोशी (Rita Bahuguna Joshi) का नाम शामिल है। इसके अलावा एक और मंत्री रहे सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर (OM Prakash Rajbhar) को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा चुका है।
ऐसी होगी योगी मंत्रिमंडल की नई लिस्ट
सूत्रों की मानें तो बीते दिनों दिल्ली में योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet) में फेरबदल को लेकर दो राउंड की बातचीत हो चुकी है, जिसमें तय हो चुका है कि योगी मंत्रिमंडल और संगठन में किसका कद घटाना है और किसका बढ़ाना। इसमें कुछ नये चेहरों को शामिल किया गया है, वहीं नाकारा मंत्रियों को बाहर करने की तैयारी है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बीजेपी आलाकमान से मिलकर सूबे के चार मंत्रियों के कामकाज पर नाराजगी जता चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) खुद भी कई मंत्रियों और उनके विभागों के कामकाज के तरीके से खुश नहीं हैं। ऐसे में या तो इन मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे या फिर इनको कोई और जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही कुछ मंत्रियों को मौजूदा विभागों के साथ दूसरा कोई महत्वपूर्ण विभाग दिया जा सकता है।