मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने उत्तर प्रदेश में रामलीला मैदानों एवं धार्मिक स्थलों के विकास (Religious Place Development) के लिए 23 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। योगी सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत (Cultural and Religious Heritage) को नया स्वरूप देने के लिए यह निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नया स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। CM योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रामलीला मैदानों का कायाकल्प, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए 23 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है।
योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के कई जिलों में रामलीला मैदानों का कायाकल्प कराएगी। प्रदेश केपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल रामलीला मैदानों का निर्माण कराना नहीं, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक आयोजनों के आधुनिक और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। मंत्री ने कहा कि CM ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
योगी सरकार ने भदोही, लखनऊ, हरदोई, गोरखपुर, प्रतापगढ़, रामपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर, गोंडा, उन्नाव, बिजनौर, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और कुशीनगर समेत कई जिलों में करोड़ों रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। योजना के तहत गोरखपुर के खजनी स्थित रामलीला मैदान के विकास के लिए करीब 2.79 करोड़ रुपए, रामपुर के बिलासपुर रामलीला मैदान के लिए लगभग 2.99 करोड़ रुपए तथा गोंडा के महराज परमहंस बरियाडी स्थित रामलीला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए 3.39 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
इसी तरह लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान के विकास, मोहनलालगंज क्षेत्र में कई गांवों के रामलीला मैदानों की बाउंड्रीवाल निर्माण तथा गोरखपुर की गीता वाटिका स्थित श्रीरामलीला मंच के पुनर्निर्माण जैसी परियोजनाएं भी इस योजना में शामिल हैं। वहीं, फतेहपुर, उन्नाव और भदोही में ऐतिहासिक रामलीला स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, प्रदेश के 7 जनपदों की परियोजनाओं की जिम्मेदारी CNDS संस्था को दी गई है, जबकि अन्य परियोजनाओं का कार्य UP प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड कराएगा। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।