विधानसभा में यूपीकोका (Uttar Pradesh Control Of Organised crime) सदन के पटल पर रखा गया है...
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में यूपीकोका (Uttar Pradesh Control Of Organised crime) पेश किया गया। राज्य सरकार ने शीतकालीन सत्र के सातवें दिन इसे विधेयक को सदन में पेश किया। हाल ही में योगी मंत्रिमंडल ने संगठित अपराधों पर नियंत्रण लगाने वाले इस कानून को मंजूरी दे दी थी। बता दें कि विधानभवन के दोनों सदनों में यूपीकोका बिल पास होने के बाद उसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपीकोका (UPCOCA) का तीखा विरोध करते हुए भाजपा सरकार पर पलटवार किया है। अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार अपने विपक्षी दलों को दबाने का नया फॉर्मूला लाई है, वहीं मायावती ने कहा कि यूपीकोका का विरोध करते हुए कहा कि इस कानून से दलितों, गरीबों और अल्पसंख्यकों का दमन होगा।
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अखिलेश ने यादव ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की मौजूदा सरकार से जब कानून-व्यवस्था संभाली नहीं जा रही है तो वह यूपीकोका नाम से एक नया फॉर्मूला लेकर आ गए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता को धोखा देने के लिए सरकार यूपीकोका लेकर आई है। इस कानून से ये अपने विपक्षी और राजनीतिक दलों को दबाने का काम करेंगे।
यूपीकोका से रुकेंगे संगठित अपराध
महाराष्ट्र के मकोका कानून की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी सरकार यूपीकोका एक्ट के जरिए क्राइम कंट्रोल का दावा कर रही है। राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि यूपीकोका कानून के जरिए संगठित अपराधों जैसे भू- माफिया, खनन माफियाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।
क्या है यूपीकोका
उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम (यूपीकोका) गुंडों और संगठित अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक सख्त कानून है। यूपीकोका लागू होने के बाद संगठित अपराध पर लगाम लगाई जा सकेगी। संगठित अपराध की श्रेणी में रंगदारी, ठेकेदारी में गुंडागर्दी, गैरकानूनी तरीके से कमाई गई संपत्ति भी शामिल होगी। इस कानून के लागू हो जाने के बाद अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सकेगा। संगठित अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएंगी। प्रदेश के गृह सचिव राज्य स्तर पर इसकी निगरानी की जाएगी।