
लखनऊ. आम आदमी पार्टी की दूसरे चरण की होने वाली जनअधिकार पदयात्रा को योगी सरकार ने अनुमति देने से मना किया है। अनुमति न मिलने से कार्यकर्ता सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पदयात्रा को अनुमति न देना मुख्यमंत्री योगी की तानाशाही है और उनका ये कृत्य संविधान के खिलाफ है। कुछ दिन पहले निर्वाचित दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को भीम आर्मी चंद्रशेखर से मुख्यमंत्री योगी के इशारे पर प्रशासन ने मिलने की अनुमति नही दी, कार्यकर्त्ता शांत रहे लेकिन जनअधिकार पदयात्रा प्रदेश के लाखों लोगों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुचाने एवं उनके निवारण के लिए की जा रही है इसलिए किसी भी कीमत पर यात्रा नहीं रुकेगी।
आप प्रवक्ता के मुताबिक कार्यकर्त्ता उत्तर प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए कोई भी कुर्वानी देने के लिए तैयार हैं। 28 अगस्त से दूसरे चरण की होने वाली पदयात्रा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू की जायगी, यदि योगी सरकार यात्रा करने के लिए अड़चन डालती है तो गिरफ्तारी देंगे।प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश प्रभारी, राज्यसभा सांसद संजय सिंह की अगुवाई में शिक्षामित्र व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियमित, युवाओं को नौकरी, बेटियों को सुरक्षा, किसानों की कर्जमाफी, पुरानी पेंशन की बहाली, संविदा कर्मियों की नियमित, गंगा की सफाई, बुनकरों की बदहाली, जैसे मुद्दों से जुड़े लाखों लोगों को अधिकार दिलाने के लिए बनारस से बलिया तक 250 किलोमीटर लंबी जनअधिकार पद यात्रा की गई और उनके मुद्दों को राज्यसभा में उठाया गया।
पिछले दिनों केजरीवाल को भी नहीं दी थी अनुमति
पिछले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को यूपी सरकार ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से मिलने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इस पर आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलितों के हकों के लिए लड़ने वाले दलित नेता चंद्रशेखर को लम्बे समय से यूपी सरकार ने जेल में बंद करके रखा है, उनसे मिलने के लिए अरविन्द केजरीवाल तेरह अगस्त को सहारनपुर जाना चाहते थे। उसकी सूचना उत्तर प्रदेश सरकार दी लेकिन अनुमति नहीं मिली।