
लखनऊ. उन्नाव प्रकरण के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को योगी सरकार ने बड़ा झटका दिया है। शासन ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की वाई श्रेणी सुरक्षा हटा ली है। पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक गोरखनाथ सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर विधायक की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ली गई है। बता दें की समाजवादी सरकार में कुलदीप सेंगर को वाई सुरक्षा दी गई थी। वाई श्रेणी के अंतर्गत सेंगर को एक एचसीपी व तीन सिपाही आवास पर तथा तीन सिपाही बॉडीगॉर्ड के रूप में तैनात किये गए थे। विधायक के घर की भी सुरक्षा हटा दी गई है।
उन्नाव की पास्को एक्ट में चलेगा मुक़दमा
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रेप व पास्को एक्ट का मुकदमा लखनऊ के बजाय उन्नाव के पास्को एक्ट कोर्ट में चलेगा। विवेचक ने सीबीआई कोर्ट की विशेष न्यायाधीश सपना त्रिपाठी को पीड़िता का कलमबंद बयान उन्नाव भेजने की अर्जी दी है। इस पर विशेष न्यायाधीश ने जिला जज को पत्र लिखकर विशेष वाहक नियुक्त करने के संबंध में आदेश देने का अनुरोध किया है। सीबीआई ने गुरुवार को किशोर रोड स्थित कार्यालय में पीड़ित और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का आमना-सामना करवाया। सीबीआई विधायक के खिलाफ रेप और पास्को एक्ट की FIR को पहले ही उन्नाव के पास कोर्ट कोर्ट में के विशेष न्यायाधीश को भेज चुकी है। विवेचक डिप्टी एसपी आर आर त्रिपाठी ने विशेष न्यायाधीश सिविल कोर्ट को दिए पत्र में अनुरोध किया है कि आगे की विवेचना के लिए पीड़ित के कलमबंद बयान की जरूरत पड़ेगी इसलिए पीड़िता का कलम बंद उन्नाव की पोस्को कोर्ट में भेज दिया जाए। सीबीआई ने 16 अप्रैल को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज किए थे।
तीनों को लखनऊ लाकर की गई पूछताछ
बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम पीड़ित और उसकी मां और चाचा को लेकर सीधे मुख्यालय पहुंची। यहां सीबीआई ने पहले चरण में 20-20 मिनट और दूसरे चरण में 3 घंटे पीड़ित के परिजनों से अलग-अलग पूछताछ किए। वही विधायक कुलदीप सिंह सेंगर उसके भाई अतुल सिंह के साथ रिमांड पर दिए गए अन्य आरोपियों से भी लंबी पूछताछ की गई। उन्नाव में पिछले 7 दिनों में सीबीआई की टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में डिजिटलएविडेंस भी काफी महत्वपूर्ण होंगे। इस मामले में जुड़े वीडियो और ऑडियो वायरल हो रहे हैं। सीबीआई जांच कर रही है। साथ ही सूत्रों का दावा है कि विधायक की ओर 4 जून का वीडियो भी उपलब्ध कराया गया जिसमें उसके कानपुर में एक कार्यक्रम में होने की पुष्टि हो रही है। हालांकि सीबीआई की ओर से इस बारे में अब तक कुछ नहीं बताया गया है।