मधुबनी

पाकिस्तानी नागरिक को भगाने वाला ‘लादेन’ बिहार से गिरफ्तार, नेपाल बॉर्डर रूट से करता था तस्करी

Bihar News: बिहार के मधुबनी से पुलिस ने वांटेड अपराधी अबुल इनाम उर्फ लादेन को गिरफ्तार किया है। लादेन नकली नोट के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। उस पर एक पाकिस्तानी नागरिक को भागने का भी आरोप है। 

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Feb 17, 2026
वांटेड अपराधी अबुल इनाम उर्फ लादेन

Bihar News:बिहार के सीमावर्ती जिले मधुबनी जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नकली करेंसी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा और एक वांटेड अपराधी अबुल इनाम उर्फ लादेन को पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया है।। वह पिछले एक साल से फरार था। बासोपट्टी पुलिस स्टेशन और SSB (सशस्त्र सीमा बल) की जॉइंट टीम ने मंगलवार सुबह नगर थाना एरिया के कोतवली चौक इलाके में उसके घर पर रेड मारी और उसे धर दबोचा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार अबुल इनाम पर न सिर्फ एक बड़ा नकली करेंसी नेटवर्क चलाने का आरोप है, बल्कि उसने एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत से भागने में भी मदद की है। इसके अलावा, संदिग्ध लोगों और कथित आतंकवादी संगठनों के साथ उसके लिंक की भी जांच की जा रही है। लादेन काफी समय से फरार था और पुलिस के रडार पर था।

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पाकिस्तानी नागरिक को भागने में मदद करने का आरोप

सूत्रों के मुताबिक, लादेन पर पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अंसारी उर्फ ​​मस्तान को नेपाल के रास्ते भारत से सुरक्षित भागने में मदद करने का आरोप है। मोहम्मद मस्तान को नकली करेंसी का मुख्य हैंडलर माना जाता है, जो बिहार के बॉर्डर वाले जिलों में पाकिस्तान में छपी करेंसी की खेप बांटता था। हालांकि पुलिस ने अभी तक पूरे नेटवर्क की ऑफिशियली पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच में कई अहम सुराग मिले हैं।

नेपाल बॉर्डर रूट का इस्तेमाल किया गया

मधुबनी नेपाल बॉर्डर से सटा एक जिला है और इसे लंबे समय से नकली करेंसी और तस्करी के लिए एक सेंसिटिव इलाका माना जाता है। सूत्रों का कहना है कि अबुल इनाम ने बिहार के अलग-अलग जिलों में नकली करेंसी की खेप पहुंचाने के लिए बॉर्डर रूट का इस्तेमाल किया। शक है कि यह नेटवर्क नेपाल बॉर्डर के रास्ते काम करता है। पाकिस्तान में छपी हाई-क्वालिटी नकली करेंसी नोट पहले नेपाल पहुंचाए जाते थे और वहां से बासोपट्टी और जयनगर जैसे बॉर्डर रूट से बिहार में घुसते थे। लादेन इस नेटवर्क का मेन लोकल ऑपरेटर था, जो न सिर्फसप्लाई चेन मैनेज करता था, बल्कि बॉर्डर पार से आने वाले संदिग्धों को पनाह और सेफ रास्ता भी देता था।

कुंडली खंगालने में जुटी इंटेलिजेंस एजेंसियां

लादेन की गिरफ्तारी के बाद, IB और दूसरी इंटेलिजेंस एजेंसियां ​​एक्टिव हो गई हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स और फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क और किन व्हाइट-कॉलर क्रिमिनल्स या आतंकी संगठन से जुड़ा है। इस गैंग के कई मेंबर्स पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं, और उनकी जानकारी से लादेन का नाम सामने आया था।

बताया जा रहा है कि अबुल इनाम की कुछ तस्वीरें एक संदिग्ध व्यक्ति ‘जमाल’ के साथ सामने आई हैं, जिसे पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध मानती रही हैं। इसी आधार पर आरोपी के संभावित आतंकी संगठनों से संपर्क की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन से सीधे जुड़ाव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी एंगल से जांच की जा रही है।

एक साल से था फरार

अबुल इनाम के खिलाफ जाली नोट तस्करी से जुड़े मामले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। लेकिन वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। बताया जाता है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और स्थानीय नेटवर्क के जरिए खुद को छिपाने में सफल हो रहा था। बासोपट्टी थाना पुलिस को हाल ही में सटीक सूचना मिली कि वह कोतवाली चौक इलाके में मौजूद है। इसके बाद एसएसबी के सहयोग से संयुक्त छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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