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SSP पटना को नोटिस, 8 हफ्ते की मोहलत… NEET छात्रा केस में मानवाधिकार आयोग सख्त

NEET Student Rape-Death Case: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और पटना SSP को नोटिस जारी किया है। आयोग ने साफ कहा है कि आठ हफ्ते के अंदर डिटेल्ड रिपोर्ट जमा की जाए।
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पटना

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Anand Shekhar

Feb 16, 2026

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SSP on Khan Sir: पटना SSP कार्तिकेय शर्मा (फाइल फोटो)

NEET Student Rape-Death Case: बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने पटना के चित्रगुप्त नगर थाने के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET एग्जाम की तैयारी कर रही छात्रा के रेप और संदिग्ध मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर के ह्यूमन राइट्स एडवोकेट एसके झा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कमीशन ने इस मामले को 'अति गंभीर' कैटेगरी में रखा है। कमीशन ने पटना के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) को सख्त नोटिस जारी कर आठ हफ्ते में डिटेल्ड रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज

वकील एसके झा ने आयोग को बताया कि छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए फैक्ट्स चौंकाने वाले हैं। मृतक छात्रा के शरीर पर चोटें और मौके के हालात साफ तौर पर एक घिनौने जुर्म की ओर इशारा करते हैं। मानवाधिकार आयोग ने इन दलीलों को मान लिया और यह नतीजा निकाला कि यह कोई मामूली संदिग्ध मौत नहीं बल्कि एक गंभीर क्रिमिनल एक्ट हो सकता है। इसके आधार पर, मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है।

रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने आयोग से यह भी मांग की है कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए रिटायर्ड जज की निगरानी में इस पुरे मामले की हाई-लेवल जांच की जाए। कमीशन ने इस रिक्वेस्ट पर सुनवाई करते हुए पटना पुलिस चीफ से इस केस में अब तक उठाए गए कानूनी कदमों के बारे में जवाब मांगा है।

CBI कर रही मामले की जांच

इधर, इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच अब CBI के हाथ में है। रविवार को CBI इंस्पेक्टर जनरल के नेतृत्व में 20 सदस्यों की एक टीम जहानाबाद जिले में स्टूडेंट के पैतृक गांव पहुंची। टीम पूरी तैयारी के साथ लैपटॉप और प्रिंटर लेकर पहुंची। साढ़े तीन घंटे (सुबह 8:40 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक) चली पूछताछ के दौरान परिवार के छह सदस्यों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की गई। मौके पर ही माता-पिता, दादी, भाई, भाभी और चाची के बयान दर्ज किए गए।

इन बातों का पता लगा रही एजेंसी

जांच में CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रा ने हॉस्टल में रहने के दौरान दबाव या हैरेसमेंट की कोई रिपोर्ट शेयर की थी। जांच एजेंसी स्टूडेंट के कॉन्टैक्ट्स, हॉस्टल एक्टिविटीज और मेडिकल रिपोर्ट्स को जोड़कर एक टाइमलाइन बनाने की कोशिश कर रही है। हर डिटेल को एक पोटेंशियल लिंक के तौर पर देखा जा रहा है।