
NEET छात्रा के घर पहुंची CBI की टीम (फोटो- सांकेतिक)
NEET Student Rape-Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET एग्जाम की तैयारी कर रही छात्रा के रेप और मौत के मामले में CBI ने अपनी जांच तेज कर दी है। रविवार सुबह इस केस में काफी हलचल देखी गई। सुबह करीब 9 बजे CBI के 20 अधिकारियों की एक टीम, पांच गाड़ियों के काफिले के साथ, जहानाबाद में पीड़िता के गांव पहुंची।
स्थानीय शकुराबाद थाना की पुलिस और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ, CBI अधिकारी पीड़िता के परिवार के घर में दाखिल हुए। वहां, अधिकारियों ने घटना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक बंद कमरे में छात्रा के माता-पिता और परिवार के दूसरे करीबी सदस्यों से पूछताछ शुरू की। बाहर स्थानीय पुलिस की तैनाती रही, जबकि गांव में भारी भीड़ जमा हो गई।
गांव पहुंची टीम की प्राथमिकता छात्रा के आखिरी दिनों की पूरी तस्वीर इकट्ठा करना है। वह किसके संपर्क में थी? क्या उसने घर पर दबाव या धमकी की कोई रिपोर्ट शेयर की थी? परिवार को उसकी पढ़ाई, परीक्षा, दोस्ती या किसी झगड़े के बारे में क्या पता था? इन सवालों के जवाब जांच की दिशा तय कर सकते हैं। अधिकारियों ने परिजनों से शांत माहौल में बातचीत की। बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पुराने मोबाइल नंबर, रिश्तेदारों के संपर्क, हाल की यात्राओं जैसी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
इससे पहले शनिवार को CBI की छह लोगों की टीम पटना के चित्रगुप्त नगर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। जहां टीम ने करीब पांच घंटे तक हर कोने की तलाशी ली। अधिकारियों ने न सिर्फ हॉस्टल बिल्डिंग की बाउंड्री की मैपिंग की, बल्कि उस कमरे की फोरेंसिक जांच भी की जहां स्टूडेंट गंभीर हालत में मिली थी। जांच के बाद सीबीआई की टीम हॉस्टल से चार बोरा सामान जब्त कर ले गई, जिसमें छात्रा का बिस्तर, किताबें, नोटबुक और दूसरा निजी सामान शामिल था।
जांच को साइंटिफिक आधार देने के लिए, CBI ने दो सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स को भी हॉस्टल में बुलाया था। टीम ने हॉस्टल और आस-पास की दुकानों से CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की। एक्सपर्ट्स ने यह पता लगाने की कोशिश की कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ तो नहीं की गई थी।
CBI ने कमरे में मिली हर किताब, नोटबुक और डायरी के हर पन्ने की जांच की है। लिखावट और निशान (लिखते समय अगले पन्ने पर दबाव डालने के निशान) की फोरेंसिक जांच की जाएगी। यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि छात्रा ने दबाव, धमकी या अपनी मानसिक स्थिति के बारे में कोई सुराग छोड़ा है या नहीं। इसके अलावा, फोरेंसिक टीम ने फर्श, दीवारों और दरवाजे के हैंडल से फिंगरप्रिंट और टच DNA सैंपल इकट्ठा किए हैं।
CBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टूडेंट जहानाबाद से पटना जंक्शन और वहां से हॉस्टल तक किस समय और कैसे पहुंची। वह जंक्शन से किस ट्रेन में चढ़ी? वह हॉस्टल कब पहुंची और उसकी तबीयत अचानक कब खराब हुई? उसे पहले किस हॉस्पिटल ले जाया गया और उस समय उसके साथ कौन-कौन मौजूद था? इन सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए CBI अब सहज हॉस्पिटल और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करेगी। इसके अलावा, छात्रा के मोबाइल फोन और लैपटॉप को डिजिटल फोरेंसिक के लिए भेजा गया है ताकि कॉल लॉग और लोकेशन हिस्ट्री से पूरी टाइमलाइन साफ हो सके।
सेंट्रल टीम पिछले स्टेप्स का भी रिव्यू कर रही है कि कौन से सबूत कब इकट्ठा किए गए, जांच में किसे शामिल किया गया और किन एंगल पर ध्यान दिया गया या नहीं। अगर कोई कमी पाई गई, तो वे उसे ठीक करके आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। इसीलिए कमरे की साइंटिफिक री-एग्जामिनेशन और बेड और दीवारों से माइक्रोस्कोपिक सैंपल इकट्ठा करने जैसे प्रोसीजर किए जा रहे हैं।
Updated on:
15 Feb 2026 12:20 pm
Published on:
15 Feb 2026 12:18 pm
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