
CG Ration Card: राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की ई-केवायसी को लेकर लोग बेपरवाह हो गए हैं। बार-बार समय मिलने के बाद भी ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में 18 प्रतिशत लोगों ने ई-केवायसी कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जबकि, कई बार शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।
CG Ration Card: जिले में 11 लाख 30 हजार लोगों की ई-केवायसी कराने का लक्ष्य रखा गया है। 2 लाख 6 हजार 132 लोगों की ई-केवायसी नहीं हो पाई है। 2023 के जून माह से ई-केवायसी की प्रक्रिया चल रही है, जो डेढ़ साल बाद भी जारी है। हालांकि, खाद्य विभाग का कहना है कि गांवों में जगह-जगह शिविर लगाकर ई-केवायसी कराई जा रही है। 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक विभिन्न गांवों में अभियान चलाकर ई-केवायसी के लिए शिविर भी लगाए गए।
फिर भी बड़ी संख्या में लोग ई-केवायसी के लिए आगे नहीं आए। घर में किसी एक सदस्य की ई-केवायसी होना जरूरी है। खाद्य विभाग ने भी उचित मूल्य की दुकानों में ई-केवायसी की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जारी किया है। इसके अलावा राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य भी शत-प्रतिशत नहीं हो पाया है।
Ration card New Update: अब तक 94 प्रतिशत राशनकार्डों का नवीनीकरण हो गया है। 3 लाख 2 हजार हितग्राहियों के पीडीएफ भी प्रिंट हो चुके हैं। अभी भी कई राशनकार्डधारी हैं, जिनके परिवार की ई-केवायसी नहीं हुई है। जिसके चलते कई लोग नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं। 18649 राशनकार्डधारियों का नवीनीकरण होना शेष है।
इधर, नए कार्ड बनाने के लिए भी लोग भटक रहे हैं। ऐसे सदस्य जिनकी ई-केवायसी नहीं हुई है, इनमें बच्चे और बुजुर्गों की संया ज्यादा है। कई बुजुर्ग का अंगूठा मैच नहीं होने से ई-केवायसी नहीं हो पाई है। इसके अलावा पांच साल के कम उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक नहीं होने के चलते ई-केवायसी अटक गई है।
Mahasamund News: खाद्य विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि जिले के लेागों ई-केवायसी करने के लिए अपील की गई है। पिछले दिनों अभियान चलाकर गांवों में शिविर भी लगाया गया था। 18 प्रतिशत लोगों ने ई-केवायसी नहीं हुई है। 82 प्रतिशत ई-केवायसी पूर्ण हो चुकी है।