महासमुंद

Shardiya Navratri 2024: इस बार 21 रूपों में देवी देंगी दर्शन, मंदिर परिसर में खास थीम पर सजाया गया भव्य पंडाल

Shardiya Navratri 2024: इस बार 21 रूपों को अलग-अलग देखा जा सकेगा। इसके अलावा दादाबाड़ा मैदान में माता का भव्य रूप देखने को मिलेगा।
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Shardiya Navratri 2024

Shardiya Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि पर गुरुवार को देवी के मंदिरों में आस्था के ज्योत प्रज्जवलित किए जाएंगे। इसके साथ पंडालों में भी माता विराजमान होंगी। नौ दिनों तक माता की सेवा की जाएगी। शहर की सड़कें अभी से रोशन हो गई हैं। पंडालों को भी सजाने का कार्य अंतिम चरण में है।

Shardiya Navratri 2024: श्रद्धालु नौ दिनों तक रहेंगे माता की भक्ति में लीन

शहर में महामाया मंदिर, शीतला मंदिर, बरोंडाचौक दुर्गा मंदिर, सतबहनिया मंदिर, रामेश्वरी मंदिर रेलवे स्टेशन, खल्लारी, घुंचापाली, बिरकोनी के देवी मंदिरों में पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। महामाया मंदिर में घट स्थापना का कार्य 3 अक्टूबर को 11.36 से 12.44 बजे तक तय किया गया है।

अष्टमी हवन 11 और नवमी विसर्जन 12 को है। ग्राम खट्टी में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर माता सोनई-रूपाई मंदिर में ज्योत प्रज्जवलित किए जाएंगे। इसके लिए तैयारी प्रारंभ हो गई है। (Shardiya Navratri 2024) महासमुंद शहर में बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, श्रीराम जानकी मंदिर, रेलवे स्टेशन ओर बीटीआई रोड पर पंडाल सज गए हैं। आज से जिले में दुर्गोत्सव की धूम रहेगी। श्रद्धालु नौ दिनों तक माता की भक्ति में लीन होंगे।

दादाबाड़ा मैदान में सजा भव्य पंडाल

शहर में विशेष आकर्षण इस बार राम मंदिर परिसर में होगा। यहां माता के 21 रूपों का दर्शन होगा। हालांकि, इस बार 21 रूपों को अलग-अलग देखा जा सकेगा। इसके अलावा दादाबाड़ा मैदान में माता का भव्य रूप देखने को मिलेगा। शहर के विभिन्न चौक-चौराहाें पर पंडाल सज रहे हैं।

9 दिनों होगी माता की सेवा

9 दिनों माता के मंदिरों में भजन व कीर्तन का दौर चलेगा। पंडालों में माता की सेवा की जाएगी। कलाकार भी गरबा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। आदर्श बालक स्कूल मैदान में गरबा की तैयारी चल रही है।

उड़नखटोला के माध्यम से भी दर्शन

Shardiya Navratri 2024: खल्लारी माता मंदिर में उड़नखटोला के माध्यम से भी लोग दर्शन कर सकेंगे। शारदीय नवरात्रि के लिए तैयारी प्रारंभ हो गई है। मंदिर समिति के लोगों ने बताया कि तीन अक्टूबर को ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाएंगे। विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

Updated on:
03 Oct 2024 12:06 pm
Published on:
03 Oct 2024 12:06 pm