
महासमुंद@जितेन्द्र सतपथी। Singhanpur Village: गांव एक, नाम एक और सड़क भी एक, लेकिन पंचायतें तीन। घर आमने-सामने हैं, मगर किसी का संबंध सिंघनपुर पंचायत से है तो कोई मोहका या छुईपाली पंचायत का हिस्सा है। गांव की गलियों में चलते हुए कब पंचायत की सीमा बदल जाती है, इसका पता स्थानीय लोगों को भी कई बार नहीं चलता। बसना विकासखंड में एनएच-53 से लगे सिंघनपुर की यह अनोखी तस्वीर प्रशासनिक व्यवस्था के ऐसे चक्रव्यूह को सामने लाती है, जहां बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी भी तीन पंचायतों में बंटी हुई है।
सिंघनपुर पंचायत की आबादी करीब तीन हजार और मतदाताओं की संख्या लगभग 1700 है। वहीं, सिंघनपुर नाम से पहचाने जाने वाले क्षेत्र के 200 से 300 लोग दूसरी पंचायतों के मतदाता हैं। छुईपाली पंचायत के दो वार्डों में सिंघनपुर बस्ती के 20 से 22 घर आते हैं, जिनकी आबादी करीब 200 है। गांव में कुल 15 वार्ड हैं। एनएच पर स्थित चौक की पहचान सिंघनपुर के नाम से है। यहां से गांव की ओर जाने वाली सड़क भी इसी नाम से जानी जाती है। लेकिन बस्ती की ओर बढ़ते ही पंचायतों का भूगोल बदलने लगता है।
सड़क के बाईं ओर का हिस्सा बोहारपार के रूप में ग्राम पंचायत मोहका में शामिल है, जबकि दाईं ओर का हिस्सा छुईपाली पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। एनएच से करीब आधा किलोमीटर तक यही स्थिति है। इसके बाद सिंघनपुर की मुख्य बस्ती शुरू होती है। यानी आसपास की बसाहट एक, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था तीन पंचायतों में बंटी हुई है।
इस बंटवारे का असर स्ट्रीट लाइट और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ता है। सड़क के बाईं ओर स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी मोहका पंचायत की है, जबकि दाईं ओर की लाइट छुईपाली पंचायत लगाती है। नाली निर्माण भी दोनों पंचायतों को अपने-अपने हिस्से में कराना पड़ता है। पेयजल के लिए नल-जल योजना की पाइपलाइन बिछाने के दौरान संबंधित स्थानों पर बोर खनन कराकर व्यवस्था करनी पड़ी। ऐसे में विकास कार्यों के लिए पंचायतों के बीच तालमेल जरूरी हो जाता है।
सीमाओं का असर डाक और कुरियर सेवा पर भी दिखाई देता है। सिंघनपुर चौक से मोहका और छुईपाली पंचायत मुख्यालय की दूरी करीब ढाई-ढाई किलोमीटर है। कई घर आमने-सामने हैं, लेकिन उनके वार्ड और पंचायत अलग हैं। ऐसे में डाकिया या कुरियर पहुंचाने वाला कई बार गलत पंचायत में पहुंच जाता है और सही पता मिलने पर वापस लौटना पड़ता है। गांव की राजस्व व्यवस्था भी दो हल्कों में बंटी है।
नीलकांती विजय कुमार साहू, सरपंच, छुईपाली के मुताबिक, पंचायत के अंतर्गत आने वाले वार्डों में विकास कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। सिंघनपुर की बस्ती में छुईपाली पंचायत के दो वार्ड हैं, जिनमें करीब 20 से 22 घर और लगभग 200 की आबादी है।
लक्ष्मी कश्यप, सरपंच, सिंघनपुर के अनुसार, गांव का कुछ हिस्सा तीन पंचायतों में बंटा जरूर है, लेकिन आपसी समन्वय से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे कामों में पंचायत की सीमा का ध्यान रखना पड़ता है।
राजेश्वरी चौहान, सरपंच, मोहका के मुताबिक, फिलहाल उन्हें कोई परेशानी नहीं आ रही है और पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य कराए जा रहे हैं।