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रामचंडी मंदिर में बनेगा भव्य डोम, CM साय ने 50 लाख रुपए देने का किया ऐलान

Chhattisgarh Development News: महासमुंद के गढ़फुलझर स्थित रामचंडी मंदिर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्माण की घोषणा की।
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महासमुंद

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 24 Oct 2026, 5:07 PM IST

Ramchandi Mandir Dome

रामचंडी मंदिर में 50 लाख से बनेगा भव्य डोम (Photo Source- Patrika)

Ramchandi Mandir Dome: महासमुंद जिले के गढ़फुलझर स्थित रामचंडी मंदिर में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को नई सुविधा मिल सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से डोम बनवाने की घोषणा की है। शनिवार को मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मां रनेश्वर रामचंडी की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का भी जिक्र हुआ।

Gadphuljhar: गढ़फुलझर में विकास कार्यों पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में पहले की गई घोषणाओं के मुताबिक विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। गढ़फुलझर में 50 लाख रुपये की लागत से तैयार सर्वमंगल भवन का लोकार्पण भी किया गया। इस भवन से स्थानीय लोगों को सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मानसरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण पर 48 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गांव में करीब पौने दो किलोमीटर सड़क बनाने का काम भी चल रहा है। इस परियोजना की लागत 3.50 करोड़ रुपये बताई गई है। इन कामों के पूरा होने से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।

महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं का जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। उनके मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश में रोजाना करीब 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और श्रमिकों के हित में भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल सुविधाओं पर जोर

साय ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर 36 विभागों की करीब 700 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी लोगों को विभिन्न सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।

पर्यटन और सिंचाई से बढ़ेंगी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। इसके लिए होम-स्टे जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने सिरपुर बैराज और सिकासेर-कोडार लिंक परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए फायदेमंद होगा।

गढ़फुलझर में सैनिक स्कूल की स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव भेजने और अन्य मांगों पर नियमानुसार विचार करने की बात भी कही गई। कार्यक्रम में संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और कोलता समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।