महोबा

निजी भूमि पर हुए पट्टों पर शुरू हुआ अवैध खनन, पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से निकाली जा रही बालू

बुंदेलखंड के महोबा जिले में निजी भूमि पर आवंटित अवैध बालू खनन जोरों पर है।

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Jun 09, 2018
mahoba
निजी भूमि पर हुए पट्टों पर शुरू हुआ अवैध खनन, पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से निकाली जा रही बालू

महोबा. बुंदेलखंड के महोबा जिले में निजी भूमि पर आवंटित अवैध बालू खनन जोरों पर है। निजी भूमि पर पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर मानकों के विपरीत खनन किया जा रहा है। प्रशासनिक आलाधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर 400 से ज्यादा ट्रेक्टरों से बालू का परिवहन किया जा रहा है। खनिज माफियाओं ने सिंचाई विभाग की बर्षों पुरानी पुलिया को क्षतिग्रस्त कर दिया है। वराना घाट से निकलने वाले बालू के ओवरलोड सैकड़ों ट्रेक्टरों ने किसानों के खेतों को बर्बाद कर दिया है। सत्ता की हनक ओर अवैध असलहों से लैस खनिज माफियाओं के आगे किसान और ग्रामीण लाचार नजर आ रहे है। अवैध बालू खनन से आक्रोशित किसानों ने सड़क पर जाम लगा जोरदार प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। फिलहाल ग्रामीणों और मीडिया की दखल के बाद डीएम ने खनिज माफियाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए है।

बुंदेलखंड में अवैध खनन की गाड़ी कमाई खाने के लिए खनन माफिया नियम कानूनों की कोई परवाह नहीं कर रहे हैं। मामला महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जहां शासन की मंशा थी कि धसान नदी के किनारे बंजर जमीन को किसानों के लिए उपजाऊ बनाया जाये ताकि कृषि योग्य होने पर उसका किसान इस्तेमाल कर सके। इसी मंशा के तहत निजी भूमि के पट्टों का आवंटन करा बेरोजगारी ओर पलायन को रोकने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार की मुख्य धारा से भी जोड़ना था। मगर सरकार की हर एक नीति को भुनाने में माहिर राजनीतिक दल और खनिज माफिया सरकार की मंशा से दो कदम आगे चल रहे है। पिछले 2 जून से निजी भूमि के आवंटित वालू पट्टे धारक कौशल्या चौबे ने इलाके में असलहाधारी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर ऐसे पैर पसारे की बेरोजगार ग्रामीणों के सारे सपने बालू घाट में ही दफन हो गए। वराना घाट से निकलने वाली वालू ग्रामीण किसानों के लिए जी का जंजाल बन गयी है। गांव की सड़कों जहां बर्बाद हो रही है तो वहीं किसानों के खेतों में ट्रैक्टर मौत बनकर दौड़ रहे हैं।


वराना घाट पर न केवल शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है बल्कि रॉयल्टी में भी खेल किया जा रहा है। ट्रैक्टर चालकों से रॉयल्टी के नाम पर दो हजार रुपये वसूलें जा रहे हैं जबकि सरकारी रॉयल्टी का रेट 15 सौ रूपये है। अवैध खनन पर सख्ती के बावजूद भी ये रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

बालू के अवैध खनन को लेकर महोबा डीएम सहदेव सख्त कार्रवाई की बात करते हैं उन्होंने कहा कि पनवाड़ी थाना के वराना घाट पर हाल ही में निजी भूमि का पट्टा कौशल्या चौबे के नाम से आवंटित हुआ है। मगर वहां पर पट्टा धारक द्वारा पड़े पैमाने पर पोकलैंड ओर जीसीबी मशीनों के द्वारा अवैध खनन करने की शिकायत मिली है। साथ ही फर्जी रॉयल्टी ओर अधिक घन मीटर का झांसा देकर ठेकेदार के द्वारा प्रति ट्रेक्टर 1300 की जगह 2000 की रॉयल्टी ली जा रही है। जिससे वालू के रेट में कमी की जगह बढ़ोत्तरी हो रही है। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य भी नहीं किया जा रहा है। पोकलैंड ओर जीसीबी मशीनों पर रोक होने के बाबजूद वालू का खनन किया जा रहा है। किसानों ग्रामीणों ओर मीडियाकर्मियों के द्वारा शिकायत ओर वीडियो को संज्ञान में लेते हुये खनिज, आरटीओ एसडीएम ओर इंस्पेक्टर, सीओ को मौके पर भेज तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस तरह के खनन करने वाले पट्टा धारक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
09 Jun 2018 08:29 am