Jal Jeevan Mission tank burst: महोबा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनाई जा रही टंकी फट गई। अखिलेश यादव ने जल जीवन मिशन को कमीशन मिशन बताया। कांग्रेस ने कहा यह भ्रष्टाचार का सबूत है।
Mahoba Jal Jivan Mission Tanki: महोबा में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत बनाई गई टंकी फेल हो गई। पानी की टंकी के चारों तरफ से पानी बहने लगा। मानो बारिश हो रही हो, जिसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया। वीडियो में बताया जा रहा है कि सरिया और सीमेंट बेची गई है और मौरंग में बालू का इस्तेमाल किया गया है। राजस्थान पत्रिका वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। अखिलेश यादव ने भी 'एक्स' पर लिखा कि बीजेपी के भ्रष्टाचार का बोझ टंकी नहीं उठा पाई है। कांग्रेस बोली भ्रष्टाचार का सबूत है। जिलाधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
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उत्तर प्रदेश के महोबा के जैतपुर विकासखंड के नगाराडांग गांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा है। गांव में टंकी बनाई गई है। इसके अतिरिक्त हर घर नल योजना की पाइपलाइन भी बिछाई गई है। जिसकी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। टंकी की भी टेस्टिंग की गई। टंकी में पानी का दबाव पड़ने से वह फट गई और चारों तरफ से पानी गिरने लगा।
जिसका एक वीडियो एक्स पर वायरल हो रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है, सरिया और सीमेंट बेच दी गई है और मौरंग में बालू का इस्तेमाल किया गया है। जिसकी शिकायत उन्होंने तत्काल की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके कारण टेस्टिंग के समय टंकी फट गई।
अखिलेश समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टंकी फटने की घटना पर सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा कि जल जीवन मिशन नहीं बल्कि कमीशन मिशन बन गया है। महोबा में पानी की टंकी भाजपा के भ्रष्टाचार का बोझ नहीं उठा पाई।
कांग्रेस ने भी टंकी फटने की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार में भ्रष्टाचार का झरना है। टंकी के निर्माण में जनता के 65 लाख रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन टेस्टिंग के बाद ही झरने की तरह पानी गिरने लगा, जो जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
मामला सामने आने के बाद ठेकेदार ने टंकी की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। राजनीतिक बयानबाजी बाजी और सोशल मीडिया पर आ रही टिप्पणी के बाद प्रशासन बैकफुट पर है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है और जांच करने के आदेश दिए हैं।