महराजगंज में एक रेल हादसे की खबर है, यहां कोहरे की वजह से एक पैसेंजर ट्रेन रेलवे ट्रैक पर मौजूद इकट्ठा पशुओं को काटते हुए निकल पड़ी।
गुरुवार को महराजगंज के नौतनवा-गोरखपुर रेल रूट पर लोक विद्यापीठ नगर स्टेशन के पहले पुल पर पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर पशुओं के झुंड से टकरा गई। कोहरे के कारण ट्रैक पर दर्जन भर पशु आ गए थे, इधर न दिखने के कारण ट्रेन तेज गति से टकरा गई। इनमें से दस की मौके पर ही मौत हो गई, हादसा इतना भीषण था कि करीब एक किलोमीटर तक पशुओं के शव घिसटते चले गए थे। जैसे ही कोहरा छटा, ट्रैक पर मांस के लोथड़े देख हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
संयोग ठीक था कि हादसे के बाद ट्रेन पटरी से नहीं उतरी नहीं तो बड़ा हादसा हो गया होता। इसके बाद काफी देर ट्रेन रुकी रही। जब रेलवे ट्रैक साफ हुआ तब जाकर ट्रेन आनंदनगर स्टेशन पहुंची। इस बीच ट्रेन में बैठे यात्रियों में भी अफरा तफरी मची थी
घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन को होने के बाद गुरुवार को मौके पर एसडीएम फरेंदा शैलेन्द्र गौतम, सीओ फरेंदा बसंत सिंह, तहसीलदार फरेंदा वशिष्ठ वर्मा, जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हौंसला प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी फरेंदा दीनदयाल व फरेन्दा थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों की टीम ने तीन बचे घायल पशुओं का इलाज कराकर उन्हें मधुकरपुर महेवा गौशाला भिजवा दिया। वहीं, मृत पशुओं का वहीं पोस्टमार्टम कराकर दफन करा दिया गया।
पशुचिकित्साधिकारी डॉ. दीनदयाल ने बताया कि मरने वाले पशुओं में एक नीलगाय, चार सांड तथा पांच गायें शामिल थीं। इस घटना की जानकारी देते हुए SDM फरेंदा शैलेन्द्र गौतम ने बताया कि अधिक कोहरे के कारण पास स्थित जंगल से पशुओं का झुंड ट्रैक पर आ जाने के कारण यह हादसा हुआ, फिलहाल स्थिति सामान्य है और मृत पशुओं के अवशेष दफना दिए गए।
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