Dimple Yadav: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक पिछड़ी जाति की लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और जब न्याय की मांग की जाती है, तो प्रशासन संवेदनहीनता की हदें पार कर देता है। डिंपल यादव ने मीडिया से बातचीत में उस वक्त की स्थिति साझा की जब समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि जब सपा नेता सांत्वना देने और सच्चाई जानने पीड़ित के घर गए, तब वहां मौजूद अधिकारियों का व्यवहार अत्यंत असंवेदनशील था। उनके अनुसार इस तरह का व्यवहार देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि भारतीय जनता पार्टी संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
महिला आरक्षण और जनगणना के मुद्दे पर भी डिंपल यादव ने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद में पारित हुआ था और इस पर किसी तरह का भ्रम या गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनगणना का कार्य जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि जनगणना कराई जानी है, तो उसे जातिगत आधार पर भी कराया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने और महिलाओं को आरक्षण देने की मांग दोहराई। उनका मानना है कि नई सीटों के निर्माण के बाद ही प्रभावी रूप से आरक्षण लागू किया जा सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू किया जा सकता है।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का मुद्दा भाजपा के लिए केवल एक मुखौटा है और सरकार परिसीमन से बचने के लिए जनगणना कराने में रुचि नहीं दिखा रही है।