
Patna Firing Case: पटना के प्रसिद्ध खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट (Khan Global Studies Institute) के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा (Firing and Violence) केस में नया अपडेट आया है। पुलिस ने इस मामले में दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से पकड़ा गया। वहीं, इस मामले में पुलिस ने खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग मामले का यूपी कनेक्शन सामने आया है। दरअसल, पुलिस ने खान सर के कोचिंग संस्थान के सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार को मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र के गाड़िया गांव से गिरफ्तार किया। इसके अलावा दूसरे गार्ड तालेश्वर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रदीप कुमार मूल रूप से गाड़िया गांव का निवासी है।
खान सर के कोचिंग और दूसरे संस्थान के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में प्रदीप कुमार को फायरिंग करते नजर आया था। वीडियो के आधार पर पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही गाड़िया गांव सनसनी फैल गई और पूरे दिन चर्चा का माहौल रहा।
ग्रामीणों के अनुसार प्रदीप का परिवार स्थायी रूप से गांव में नहीं रहता है। उसकी मां, पत्नी और 3 बच्चे नोएडा में रहते हैं। वे केवल त्योहारों या विशेष अवसरों पर ही गांव आते हैं। गाड़िया गांव के निवासी टिंकू यादव ने बताया कि प्रदीप बचपन से ही शांत, मिलनसार और मददगार स्वभाव का रहा है। गांव में उसका कभी किसी से कोई विवाद नहीं है।
गाड़िया गांव के निवासी टिंकू यादव समेत कई ग्रामीणों ने प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदीप काफी सामाजिक आदमी है। उसका किसी से मतभेद नहीं है। प्रदीप की चाची गीता देवी ने भी उसकी जमकर तारीफ की है।
गीता देवी ने कहा कि प्रदीप बहुत अच्छा लड़का है। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर टिंकू की मां ने तक खाना नहीं खाया। गीता देवी ने बताया कि प्रदीप काफी सामाजिक व्यक्ति है और उसने गांव में 4-5 बार कथा-भागवत कराई है। प्रदीप की चाची ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
प्रदीप की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव के लोगों ने अपनी बात रखी। ग्रामीण शीलेश गुप्ता ने कहा कि प्रदीप का व्यवहार बहुत अच्छा है। वह लड़ाई-झगड़े वाला आदमी नहीं है। प्रदीप सीधा-सादा लड़का है। वह किसी पर अटैक करे, ऐसा सोचना भी मुश्किल है। अन्य ग्रामीणों ने भी प्रदीप के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में प्रदीप की अच्छी छवि है। वह हमेशा सकारात्मक गतिविधियों में शामिल रहता था।