
Career in Stenography: हर वर्ष SSC, UPSC या अन्य कई आयोग कई विभागों के लिए स्टेनोग्राफर या कह सकते हैं आशुलिपिक के लिए नियुक्तियां निकलते हैं। खास बात है कि इस पद के लिए अभ्यर्थी को ज्यादा प्रेक्टिस करनी होती है। स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा परेशानी अधिक प्रेक्टिस के बाद भी स्पीड न बढऩे की आती है। जानें स्पीड बढ़ाने और स्किल को बेहतरीन करने के कुछ मददगार टिप्स-
नियमों को अपनाएं
रेफरेंस रजिस्टर की मदद लें
बेसिक सीखने के बाद जब भी आप चाहें हिन्दी स्टेनोग्राफी की हो या अंग्रेजी दोनों की प्रेक्टिस करते हैं तो कुछ शब्द ऐसे सामने आते हैं जो कंफ्यूजन करते हैं। ऐसे में आप एक रेफरेंस रजिस्टर बनाएं और उसकी मदद लें। इस रजिस्टर को पांच भागों में बांटें। कॉमन एरर, डिफिकल्ट वड्र्स, फॉरेन वड्र्स, कंफ्यूजिंग वड्र्स और कंफ्यूजिंग आउटलाइन्स। इन भागों में उससे संबंधित शब्द या पंक्ति को नोट करें जिनमें आप बार-बार गलती करते हों। समय-समय पर इनका अभ्यास करें।