आजकल हर एंप्लॉइज से आप लर्निंग के लिए क्लासेज की उम्मीद नहीं कर सकते। इसके बजाय साझा ब्रेन स्टॉर्मिंग में शामिल होकर लोग ज्यादा सीखते हैं।
जॉब में कुछ नया सीखने को मिलने पर कर्मठ एंप्लॉइज कंपनी के साथ एक अलग ही लगाव महसूस करने लगते हैं। वहीं बहुत से अच्छे एंप्लॉई सिर्फ इसलिए काम छोडक़र जाने लगते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मौजूदा कंपनी में लर्निंग के लिहाज से कोई ग्रोथ नहीं है। यह बात फीडबैक में दिखती है।
प्रमोट लर्निंग कुछ एंप्लॉइज कंपनी के दायरे से परे जाकर भी नई चीजें सीखते हैं। ऐसे में उन्हें कई बार बाहर जाना पड़ सकता है। ऐसे एंप्लॉइज की लर्निंग को आप प्रमोट कर सकते हैं।
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लर्निंग टुगेदर
आजकल हर एंप्लॉइज से आप लर्निंग के लिए क्लासेज की उम्मीद नहीं कर सकते। इसके बजाय साझा ब्रेन स्टॉर्मिंग में शामिल होकर लोग ज्यादा सीखते हैं।
लर्निंग टारगेट
वर्कप्लेस पर आ जाने के बाद वहां काम करने के लिए कई स्किल्स सीखने भी पड़ते हैं। इन स्किल्स को आप एंप्लॉइज के समक्ष स्पष्ट तौर पर बयां कर सकते हैं।
लर्निंग आइडल
अपने एंप्लॉइज में लर्निंग के खास स्किल्स विकसित करके प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आपको हर स्किल के मास्टर को उनके सामने लेकर आना होगा। उन्हें दिखाइए कि जिस क्षेत्र के स्किल उन्हें सीखने हैं, ये लोग उसके मास्टर हैं। उनके काम करने के तौर-तरीके इन एंप्लॉइज को बताइए। अपनी-अपनी रुचि के हिसाब से लोग इनसे प्रेरणा और टिप्स ले सकते हैं।
इनहाउस लर्निंग आपकी कंपनी में जो एक्सपर्ट्स हैं, उनकी एक्सपर्टीज का इस्तेमाल लर्निंग प्रोसेस में किया जा सकता है। उनके अनुभव से सीख मिलती है।