एग्रीकल्चर व्यवसाय में अलग-अलग स्तर पर मौके हैं। यानी फाइनेंस, तकनीक व गैर-तकनीकी क्षेत्रों के इच्छुक युवाओं के लिए मौके बन सकते हैं।
माना जा रहा है कि कोरोना के बाद कृषि क्षेत्र पर फिर सबका ध्यान आ सकता है। ऐसे में एग्रीकल्चर के फील्ड में अपना कॅरियर बनाने के मौके नहीं छोडऩे चाहिए। यदि आपकी कृषि और विभिन्न फूड प्रोडक्ट्स में दिलचस्पी है एवं ग्रामीण इलाकों में स्थापित प्रोसेसिंग यूनिट्स में काम करने की इच्छा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एग्रो प्रोडक्ट्स की मांग और पूर्ति पर नजर, तर्कसंगत सोच और नेतृत्व की क्षमता हो तो यह क्षेत्र आपका कॅरियर चमका सकता है।
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करें नए जमाने के कोर्सेज
एग्रीकल्चर व्यवसाय में अलग-अलग स्तर पर मौके हैं। यानी फाइनेंस, तकनीक व गैर-तकनीकी क्षेत्रों के इच्छुक युवाओं के लिए मौके बन सकते हैं। हालांकि एग्रीकल्चर के विशेष अध्ययन से इस क्षेत्र को करीब से जानने का मौका मिलता है और प्रवेश करना आसान होता है। इसमें मदद करने के लिए कई संस्थानों में एग्रीबिजनेस विषय पर पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स कराए जाते हैं। कोर्स के दौरान एग्रो इंडस्ट्री में इंटर्नशिप करने के मौके मिलते हैं और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा भी। अब ये कोर्सेज नए जमाने के माने जाने लगे हैं।
इन संस्थानों से किए जा सकते हैं एग्रीकल्चर कोर्सेज
एग्रीकल्चर में कॅरियर बनाने के लिए बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी, चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, उत्तर प्रदेश, गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर( उत्तराखंड), राजेन्द्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पूसा, (बिहार) आइसीएआर-नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मैनेजमेंट, हैदराबाद, सहित कई यूनिवर्सिटीज से भी कोर्सेज किए जा सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर के मान्यता प्राप्त संस्थानों से भी कोर्सेज कर सकते हैं।