मंडला

एमपी में यहां जमीन के दामों में जोरदार उछाल, सड़क किनारे वाले प्लॉट बने हॉटस्पॉट

Land prices: मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित कॉलोनियों और सड़क किनारे की जमीन की कीमतें आसमान छू रहीं है। हालांकि, रजिस्ट्री की रफ्तार फिलहाल धीमी है।
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Apr 06, 2025
Land prices of roadside plots in mandla have jumped sharply from 1st april

Land prices: मंडला जिले में प्रॉपर्टी के खरीदारों को बड़ा झटका लगा है। 1 अप्रैल 2025 से जिले के 409 लोकेशनों में जमीन की कीमतों में औसतन 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब शहर की प्रमुख कॉलोनियों और सड़क किनारे की जमीनें खरीदना लोगों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। सुभाष वार्ड, सरदार पटेल वार्ड, उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर के वार्ड और बड़ी खैरी जैसी लोकेशन में यह बदलाव सबसे ज्यादा असर दिखा रहा है। बड़ी खैरी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य के चलते जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण वहां की कीमतों में बड़ा उछाल आया है।

अप्रैल में पसरा सन्नाटा

जमीन की बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल से लागू होते ही रजिस्ट्री का काम धीमा हो गया है। फरवरी और मार्च में जहां पंजीयक कार्यालय में भीड़ उमड़ रही थी, वहीं अप्रैल के पहले चार दिनों में महज आधा दर्जन रजिस्ट्री ही हो सकी हैं। इसका सीधा असर रियल एस्टेट मार्केट पर दिखाई दे रहा है।

तीन माह में होगी गाइडलाइन में संशोधन

राजस्व बढ़ाने के लिए शासन ने गाइडलाइन की समीक्षा हर तीन माह में करने का निर्णय लिया है। पहले साल में एक बार गाइडलाइन दरें बढ़ाई जाती थीं, लेकिन अब हर तिमाही में यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। अक्टूबर 2024 में जिला मूल्यांकन समिति ने 29 लोकेशनों के लिए दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद अप्रैल 2025 से जिले की 631 लोकेशनों पर कृषि भूमि की दरों में 10 प्रतिशत और भूखंड की दरों में 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। अब नए सत्र 2025-26 की शुरुआत में ही 409 लोकेशनों में औसत 12 प्रतिशत मूल्यवृद्धि लागू कर दी गई है।

रजिस्ट्री का बढ़ता आंकड़ा

जिला पंजीयक अधिकारी मनोज बोरकर ने बताया कि फरवरी और मार्च में रजिस्ट्री कार्य में जबरदस्त तेजी देखी गई। छुट्टियों के दिनों में भी कार्यालय खुला रहा और पंजीयन का कार्य चलता रहा। पूरे सत्र में 37.5 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 36.84 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर ली गई। इस तरह से विभाग ने 98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया, जो पिछले सत्र की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।

डिजिटल हो रहा मंडला

अब मंडला जिले में सभी रजिस्ट्री ‘संपदा 2.0’ सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही हैं। 31 मार्च 2025 से संपदा 1.0 बंद कर दिया गया है। 1 अप्रैल से लागू इस नए सिस्टम में जमीन के बढ़े हुए दामों की गाइडलाइन को अपडेट कर दिया गया है।

अब जैसे ही सर्वे नंबर या खसरा नंबर डाला जाता है, तो जमीन की लोकेशन, स्टांप ड्यूटी और पूरी जानकारी सॉफ्टवेयर में खुद-ब-खुद दिखाई देती है। यह नया सिस्टम पारदर्शिता लाने के साथ-साथ रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज और आसान बना रहा है।

संपदा 2.0 के फायदे

  • खसरा नंबर डालते ही सम्पत्ति की पूरी जानकारी ऑटोमैटिक दिखाई देगी।
  • सर्च रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं।
  • जियो टैग्ड फोटो से लोकेशन की सटीक जानकारी।
  • रजिस्ट्री की कॉपी तुरंत PDF में मेल या व्हाट्सएप पर उपलब्ध।
  • यूनिक लैंड पार्सल नंबर और यूनिक आईडी से हर जमीन की पहचान सुनिश्चित।
  • आधार आधारित सिस्टम से फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम।

भविष्य की तैयारी में मंडला आगे

जिला पंजीयक मनोज बोरकर के अनुसार, मूल्य वृद्धि उन क्षेत्रों में की गई है जहां अधिक रजिस्ट्री हो रही हैं या जहां की आबादी में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, अकृषिक प्रयोजन, एआई और डाटा एनालिटिक्स सहित स्थानीय सर्वेक्षण के आधार पर मूल्य वृद्धि तय की जा रही है।

Updated on:
06 Apr 2025 01:52 pm
Published on:
06 Apr 2025 01:52 pm