भ्रष्टाचार corruption के मामले में फंसी मंदसौर नगर पालिका CMO सविता प्रधान के खिलाफ वॉरंट जारी, विभाग में हड़कंप
मंदसौर/ मध्य प्रदेश के मंदसौर नगर पालिका CMO सविता प्रधान के खिलाफ गिरफ़्तारी वॉरंट जारी होने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामला साल 2010-11 का है उस समय वो मंडला में पदस्थ थीं। इस दौरान अनिल जैन नामक शख्स ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। CMO पर आरोप था कि, उन्होंने लाइट समेत अन्य सामग्री खरीदी है। साथ ही उनपर ये भी आरोप है कि, उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करते हुए किसी एक फर्म को लाभ पहुंचाया है। हालांकि, इस संबध में सविता प्रधान ने जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम ज़मानत याचिका भी दायर की थी, जिसपर आज सुनवाई है।
4 दिसंबर से अवकाश पर हैं CMO
आपको बता दें कि, सीएमओ सविता प्रधान क्लास वन अधिकारी हैं, जिसके चलते आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) उनके खिलाफ सीधे तौर किसी तरह का मामला दर्ज नहीं कर सका, उसने लोक अभियोजन की अनुमति के लिए शासन को पत्र लिखा, लेकिन वहां से इस संबंध में अब तक कोई जवाब सामने नहीं है। इसके चलते मंडला कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने 3 दिसंबर को CMO सविता प्रधान की ओर से दायर की गयी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दिया था। इसके अगले दिन से ही सविता प्रधान अवकाश पर चली गईं। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। इसी संबंध में बुधवार को मंडला कोर्ट ने सीएमओ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसके जवाब में उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई है।
सुनवाई के बाद लिया जाएगा फैसला
इधर, सविता प्रधान ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगा रखी है, जिसपर आज सुनवाई होनी है। वहीं, दूसरी ओर मंडला एसपी ने सीएमओ री गिरफ्तारी के लिए महिला पुलिस की एक टीम तैयार कर रखी है। मंडला ईओडब्ल्यू निरीक्षक चरणजीत भांभी के मुताबिक, फिलहाल सीएमओ मेडम की आज हाईकोर्ट में सुनवाई है। पहले भी ऐसी ही एक याचिका को मंडला कोर्ट खारिज कर चुका है। इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में पैशी होनी है। अगर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिलती है, तो ठीक वरना तय मापदंडों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।